Monday, February 9

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार दोपहर तेज रफ्तार लैम्बोर्गिनी कार ने सड़क पर कहर बरपा दिया। करोड़ों रुपये की इस लग्जरी कार को चला रहे तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा ने पहले एक ऑटो को टक्कर मारी और इसके बाद बुलेट सवार लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बुलेट पर सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि फुटपाथ पर खड़े एक अन्य व्यक्ति को भी चोटें आई हैं। यह घटना शहर के रेव थ्री मॉल के पास की बताई जा रही है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हादसे के बाद भागने की कोशिश, पोल से टकराई कार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद शिवम मिश्रा मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन इसी दौरान उसकी कार नियंत्रण खो बैठी और सड़क किनारे लगे पोल से जा टकराई। इस टक्कर में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में शिवम मिश्रा को भी चोटें आई हैं और बताया जा रहा है कि उसकी नाक में चोट लगी है। भीड़ के साथ भिड़े बाउंसर, मौके पर तनाव दुर्घटना के तुरंत बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने चालक को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन शिवम मिश्रा के साथ चल रहे बाउंसरों ने लोगों से अभद्रता शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि बाउंसर पीछे से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी में आ रहे थे। लोगों का आरोप है कि बाउंसरों ने घायल पीड़ितों और स्थानीय लोगों के साथ बदसलूकी की, जिससे मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बाउंसरों में दिल्ली पुलिस के सिपाही होने की चर्चा घटना को लेकर एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि शिवम मिश्रा के साथ मौजूद कुछ बाउंसरों में दिल्ली पुलिस के सिपाही भी शामिल थे। हालांकि वे अपना नाम बताने से बचते रहे। कार का रजिस्ट्रेशन दिल्ली नंबर का बताया गया है। जानकारी के अनुसार यह कार वसंत विहार के पश्चिमी मार्ग निवासी तंबाकू कारोबारी के.के. मिश्रा के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस ने कार कब्जे में ली, घायलों को अस्पताल भेजा हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। वहीं, दुर्घटनाग्रस्त लैम्बोर्गिनी कार को कब्जे में लेकर थाने भिजवा दिया गया है। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ग्वालटोली थाना पुलिस कार को थाने ले आई है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। थाने में भी बवाल: पीड़ितों से अभद्रता का आरोप सूत्रों के अनुसार जब पुलिस कार को थाने लेकर पहुंची, तब भी बाउंसरों ने वहां मौजूद पीड़ितों के साथ अभद्रता की। बताया गया कि बाउंसरों ने कार पर कवर डालने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों ने विरोध किया। मामला जब वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो पुलिस ने कार से कवर हटवा दिया। जांच जारी, कार्रवाई की तैयारी फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे के कारणों, कार की रफ्तार, चालक की स्थिति और सुरक्षा कर्मियों की भूमिका को लेकर जांच की जा रही है। कानपुर में हुई यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रईसजादों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पटना। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) से डिस्चार्ज किए जाने के बाद रविवार रात कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बेऊर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही पुलिस ने उन्हें अपनी निगरानी में लेकर जेल भेज दिया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और लोगों के बीच यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि पप्पू यादव की जेल में पहली रात कैसे गुजरी

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जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में पेश किया गया था, जहां अदालत ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद स्वास्थ्य कारणों से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत में सुधार होने पर उन्हें जेल भेज दिया गया।

स्वास्थ्य में सुधार के बाद जेल भेजने का फैसला

PMCH प्रशासन के मुताबिक, पप्पू यादव के स्वास्थ्य की जांच की गई और स्थिति सामान्य पाए जाने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर पुलिस को सौंप दिया गया। इसके तुरंत बाद पटना पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें बेऊर जेल पहुंचाया।

सूत्रों के मुताबिक, जेल प्रशासन ने भी उनके पहुंचने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली थीं।

हाई कोर्ट में आज होगी जमानत याचिका पर सुनवाई

बताया जा रहा है कि पप्पू यादव की जमानत याचिका पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है। ऐसे में समर्थकों की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं।

31 साल पुराने मामले में हुई गिरफ्तारी

पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर बड़ा खुलासा यह भी हुआ है कि यह कार्रवाई 31 साल पुराने मामले में की गई है। बताया गया कि पप्पू यादव लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहे थे, जिसके कारण कोर्ट की ओर से संपत्ति अटैचमेंट वारंट जारी किया गया था। इसी आदेश के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।

गिरफ्तारी के वक्त समर्थकों और पुलिस में हुई बहस

शुक्रवार देर रात पप्पू यादव को पटना के मंदिरी स्थित आवास से हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच कहासुनी भी हुई।

इसके बाद बुद्धा कॉलोनी थाने में सांसद के खिलाफ गिरफ्तारी में बाधा डालने और सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने के आरोप में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई। साथ ही 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

1995 में गर्दनीबाग थाने में दर्ज है विवाद

यह मामला वर्ष 1995 में गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में दर्ज एक धोखाधड़ी विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उसे सांसद के कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया।

शिकायत के अनुसार, यह बात समझौते के समय छिपाई गई थी, जिससे विवाद बढ़ गया और मामला अदालत तक पहुंचा।

राजनीतिक हलचल तेज, समर्थकों में बेचैनी

पप्पू यादव के जेल जाने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह अदालत के आदेश के तहत की गई है।

फिलहाल, पप्पू यादव की जमानत पर हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

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