Saturday, February 7

खुशखबरी: कस्टमर सैटिस्फैक्शन में देश में नंबर 1 बना भोपाल एयरपोर्ट, अब जल्द शुरू होंगी इंटरनेशनल उड़ानें

भोपाल: मध्य भारत का प्रमुख हवाई अड्डा राजा भोज एयरपोर्ट 2025 में बिना नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के भी अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में उभरा है। इस साल यहां 30 अंतरराष्ट्रीय चार्टर फ्लाइट मूवमेंट रिकॉर्ड किए गए, जिनमें कुल 633 यात्री आए। इस उपलब्धि के साथ एयरपोर्ट ने कस्टमर सैटिस्फैक्शन में देश में पहला स्थान हासिल किया है और अब 2026 में दुबई और सिंगापुर के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी है।

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ग्लोबल हॉटस्पॉट बना एयरपोर्ट
राजा भोज एयरपोर्ट ने 2023 में शुरू की गई खास इमिग्रेशन सेवाओं और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर नॉन-शेड्यूल्ड उड़ानों का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर कर मध्य भारत का ग्लोबल हब बन गया है। इन उड़ानों में ज्यादातर दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व से आए यात्री शामिल थे, जिसमें दुबई, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम प्रमुख हैं।

एयरपोर्ट डायरेक्टर ने जताई खुशी
एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया, “इमिग्रेशन क्लीयरेंस ने हमारे लिए गेम-चेंजर का काम किया। हमने 2025 में 600 से अधिक यात्रियों को आसानी से क्लीयर किया। इसके अलावा, कस्टम विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक्स और कीमती कार्गो को सुचारू रूप से संभाला।” एयरपोर्ट के पास अपग्रेडेड रनवे, आधुनिक टर्मिनल और 24/7 एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) जैसी सुविधाएं हैं, जो बड़े विमानों को भी संभालने में सक्षम हैं।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ
स्थानीय लोगों और व्यवसायों को भी एयरपोर्ट से फायदा हो रहा है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनुसार, चार्टर उड़ानों ने पर्यटन और होटल व्यवसाय में बढ़ोतरी की है। पीक चार्टर सीजन में होटलों की ऑक्यूपेंसी में 20% की बढ़ोतरी देखी गई।

रैंकिंग में लगातार सुधार
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के कस्टमर सैटिस्फैक्शन सर्वे (CSS) 2025 में भोपाल एयरपोर्ट ने 15-35 लाख यात्री श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया। 2022 में यह 20वें स्थान पर था, 2023 में पहले स्थान पर आया और अब लगातार शीर्ष स्थिति बनाए रखी है। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि 2026 तक दुबई और सिंगापुर के लिए नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू होंगी।

निष्कर्ष:
भोपाल एयरपोर्ट की यह उपलब्धि न केवल यात्रियों की सुविधा को बढ़ा रही है, बल्कि मध्य भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास में भी नई संभावनाओं के दरवाजे खोल रही है।

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