
जयपुर के सामोद क्षेत्र में एक पहाड़ी मंदिर के बंद कमरे से 41 वर्षीय साधु हीरालाल नाथ का शव मिलने से हड़कंप मच गया। साधु हाल ही में लंबी तपस्या में लीन थे और उन्होंने आसपास के लोगों से किसी तरह की बाधा न डालने की अपील की थी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिलने के कारण यह मामला और रहस्यमय हो गया। पुलिस ने इस संदिग्ध मौत की गहन जांच शुरू कर दी है।
शव की सूचना दुर्गंध से मिली
स्थानीय लोगों ने बताया कि मंदिर परिसर से तेज दुर्गंध आने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची सामोद थाना पुलिस ने देखा कि साधु का कमरा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां साधु का शव पड़ा मिला।
41 दिन की तपस्या में थे साधु
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हीरालाल नाथ लगभग दो वर्षों से मंदिर परिसर में अकेले रह रहे थे। उन्होंने 27 जनवरी को एक परिचित को संदेश भेजकर 41 दिन की कठोर तपस्या शुरू करने की जानकारी दी थी। इसके बाद वे बाहरी संपर्क लगभग पूरी तरह बंद कर चुके थे।
पोस्टमॉर्टम के लिए शव भेजा
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। चोमू के डीएसपी राजेश जांगिड़ ने बताया कि मृत्यु के कारण और समय का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा। उन्होंने कहा कि मौके पर किसी प्रकार की तोड़फोड़ या संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं।
पुलिस कर रही गहन जांच
सामोद पुलिस मंदिर से जुड़े लोगों और आसपास रहने वाले ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है, ताकि साधु के अंतिम दिनों की दिनचर्या और हालात का पता लगाया जा सके। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी है।