Thursday, February 5

UPSC का नया नियम: IAS-IPS बनने के बाद बार-बार UPSC एग्जाम देना हुआ बंद, 10 पॉइंट में जानें क्या-क्या बदला

यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) में बड़ा बदलाव किया है। अब जो उम्मीदवार IAS, IPS या IFS बन जाते हैं, वे सेवा में रहते हुए बार-बार UPSC एग्जाम नहीं दे पाएंगे। पहले अधिकारी रैंक सुधारने या अन्य सेवा पाने के लिए कई बार परीक्षा में बैठ सकते थे।

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UPSC CSE 2026 नोटिफिकेशन के अनुसार अब सेवा में रहते हुए उम्मीदवारों को केवल एक ही मौका मिलेगा।

UPSC नए नियम के 10 महत्वपूर्ण पॉइंट:

  1. सिर्फ एक और मौका:
    जो उम्मीदवार CSE-2025 या पहले की परीक्षा के आधार पर किसी सेवा में हैं, उन्हें अपनी बचे हुए अटेम्प्ट का इस्तेमाल करने के लिए CSE-2026 या CSE-2027 में एक बार शामिल होने की अनुमति है। इसके लिए उन्हें सेवा से इस्तीफा देने की जरूरत नहीं होगी।

  2. पिछली परीक्षा के नतीजे लागू:
    जो उम्मीदवार IAS या IFS में नियुक्त हैं, वे CSE-2026 में शामिल नहीं हो सकते

  3. प्रीलिम्स पास करने पर भी मेन्स नहीं:
    अगर कोई उम्मीदवार CSE-2026 में प्रीलिम्स पास करता है, लेकिन पहले ही IAS/IFS का सदस्य है, तो वह मेन्स परीक्षा के लिए योग्य नहीं होगा

  4. मेन्स रिजल्ट के बाद भी नई नियुक्ति नहीं:
    अगर उम्मीदवार मुख्य परीक्षा शुरू होने के बाद IAS/IFS में नियुक्त हो जाता है, तो CSE-2026 के आधार पर किसी भी सेवा/पद पर नियुक्ति नहीं होगी

  5. दोबारा IPS बनने का मौका नहीं:
    जो उम्मीदवार IPS में पहले ही चयनित हैं, वे CSE-2026 के परिणाम के आधार पर IPS विकल्प नहीं चुन सकते।

  6. ट्रेनिंग से सिर्फ एक बार छूट:
    उम्मीदवार CSE-2027 तभी दे सकते हैं जब CSE-2026 के आधार पर ट्रेनिंग से छूट दी गई हो। इस छूट का लाभ केवल एक बार मिलेगा।

  7. नो स्टेप – नो सर्विस:
    चयनित उम्मीदवार को केवल फाउंडेशन कोर्स (FC) में शामिल होना होगा। ट्रेनिंग में शामिल न होने पर CSE-2026 की सेवा अलॉटमेंट रद्द कर दी जाएगी।

  8. नए सेलेक्शन से पुराना रद्द:
    अगर कोई CSE-2027 में चयनित होता है, तो CSE-2026 के आधार पर सेवा का अलॉटमेंट रद्द हो जाएगा।

  9. दोनों सेलेक्शन रद्द हो सकते हैं:
    अगर उम्मीदवार CSE-2026 या CSE-2027 के आधार पर ट्रेनिंग में शामिल नहीं होता, तो दोनों सेवाओं के लिए उसका अलॉटमेंट रद्द हो जाएगा।

  10. तीसरी बार अप्लाई के लिए इस्तीफा जरूरी:
    पहले दो अटेम्प्ट में चयनित उम्मीदवार तीसरी बार परीक्षा नहीं दे सकते। अगर वे CSE-2028 या बाद में परीक्षा में बैठना चाहते हैं, तो उन्हें वर्तमान सेवा से इस्तीफा देना होगा

ऑनलाइन आवेदन की जानकारी

  • आवेदन प्रक्रिया शुरू: 4 फरवरी 2026

  • आवेदन की आखिरी तिथि: 24 फरवरी 2026

  • कुल पद: 933, जिसमें 33 दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित

  • आवेदन लिंक: upsconline.nic.in

💡 निष्कर्ष:
UPSC का यह नया नियम सेवा में रहते हुए बार-बार एग्जाम देने की गुंजाइश खत्म कर देता है। उम्मीदवारों को अब अपनी पहली नियुक्ति और करियर योजना पर विशेष ध्यान देना होगा।

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