
जयपुर। बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को एमएलए फंड से 3.72 करोड़ रुपये की कथित धांधली के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तार के बाद उनके पुराने भ्रष्टाचार विरोधी बयान फिर चर्चा में हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ दृढ़ रुख
निर्दलीय विधायक रहते हुए बलजीत यादव ने 2022 में जयपुर के सेंट्रल पार्क में काले कपड़े पहनकर सुबह से शाम तक दौड़ लगाई थी, इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई का प्रतीक बताया।
साथ ही उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में पोस्टर लगवाकर घोषणा की थी:
“मेरे क्षेत्र में कोई भी कर्मचारी या अधिकारी ₹100 की भी रिश्वत मांगे, तो उसका रिकॉर्ड बनाकर मुझे लाया जाए। मैं उसे वापस दिलाऊंगा और शिकायतकर्ता को ₹51,000 का इनाम दूंगा।”
ईडी की जांच और 3.72 करोड़ का खर्च
ईडी के अनुसार, 24 जनवरी 2025 को जयपुर, दौसा और बहरोड़ में बलजीत यादव से जुड़े 10 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन किया गया। जांच में सामने आया कि वर्ष 2021-22 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट खरीदी गई।
ईडी का आरोप है कि खेल किट खरीद के नाम पर MLA LAD Fund से करीब 3.72 करोड़ रुपये का दुरुपयोग किया गया। इससे पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने PMLA एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर रखी थी।
पुराने वादों और वर्तमान आरोपों में विरोधाभास
बलजीत यादव का भ्रष्टाचार के खिलाफ सार्वजनिक प्रतिज्ञा और अब उनके ऊपर लगे 3.72 करोड़ के गबन के आरोप ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को एक नया मोड़ दिया है।