
पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से इंटरनेट स्पीड को लेकर विवाद चल रहा है। आम लोगों का आरोप है कि उनकी सरकार जानबूझकर इंटरनेट की रफ्तार धीमी कर रही है, जिससे ईरान जैसी स्थिति पैदा हो रही है। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया है।
वेब मॉनिटरिंग सिस्टम की मौजूदगी
पाकिस्तानी सरकार ने स्वीकार किया है कि वेब मॉनिटरिंग सिस्टम (WMS) का इस्तेमाल आपत्तिजनक कंटेंट और X जैसे प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने के लिए किया जा रहा है। यह सिस्टम नया नहीं है, बल्कि 2008 से विभिन्न रूपों में मौजूद है। इसे टेलीकॉम कंपनियों ने स्थापित किया और सरकारी बजट का इस्तेमाल नहीं हुआ।
इंटरनेट स्पीड पर कोई रोक नहीं
सरकार ने साफ किया कि PTA यानी पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी ने इंटरनेट स्पीड जानबूझकर धीमा करने के लिए कोई सिस्टम इंस्टॉल नहीं किया है। समय-समय पर इंटरनेट बैंडविड्थ की निगरानी और अपडेट किए जाते हैं, जिसे लोग गलत तरीके से समझ रहे हैं।
इंटरनेट कंटेंट को हटाने का अधिकार
पाकिस्तान सरकार WMS के जरिए करीब 65 लाख अश्लील वेबसाइट्स को ब्लॉक कर चुकी है। देश में सरकार को इंटरनेट से कंटेंट हटाने का कानूनी अधिकार प्राप्त है।
निष्कर्ष:
हालांकि पाकिस्तान में इंटरनेट थ्रॉटलिंग के आरोप लग रहे हैं, सरकार का कहना है कि यह केवल खराब कंटेंट ब्लॉक करने के लिए है और इंटरनेट स्पीड से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
