
तेहरान/अंकारा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच तनावपूर्ण संबंधों में नया मोड़ आ गया है। तुर्की के इस्तांबुल में आगामी बैठक से पहले ईरान ने अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को सस्पेंड करने के संकेत दिए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों की जानकारी के मुताबिक, ईरान अपने परमाणु बम बनाने के लिए एनरिच्ड यूरेनियम के स्टॉक को रूस भेजने पर विचार कर रहा है। इसके बदले में ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम की गतिविधियों को 60 प्रतिशत एनरिचमेंट से घटाकर 20 प्रतिशत करने पर तैयार है।
इससे पहले ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था और धमकी दी थी कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो क्षेत्रीय युद्ध शुरू हो जाएगा। लेकिन अब ईरान ने अमेरिकी हमले से बचने और कूटनीतिक बातचीत के लिए रुख नरम कर लिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा, “हमारे जहाज ईरान की तरफ जा रहे हैं और बातचीत चल रही है। ईरान बातचीत के लिए तैयार लग रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि न्यूक्लियर हथियारों पर बातचीत के लिए एक डेडलाइन तय की गई है।
तुर्की में होने वाली इस बहुपक्षीय बैठक में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर ईरानी अधिकारियों से मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा तुर्की, कतर और मिस्र के प्रतिनिधियों के भी शामिल होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के इस रुख से मिडिल ईस्ट में सैन्य तनाव कम होने की उम्मीद है और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समाधान के रास्ते खुल सकते हैं। ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों द्वारा सुझाए गए विभिन्न डिप्लोमैटिक तरीकों की पड़ताल कर रहा है और जल्द ही बातचीत के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमति की उम्मीद है।