
पटना: पटना के एक निजी छात्रावास में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले की अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच करेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार को पत्र लिखकर इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायपूर्ण हो, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और किसी भी स्तर पर संदेह की गुंजाइश न रहे।
बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि सीएम ने नीट छात्रा की हत्या या संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई से जांच की मांग की है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जांच पूरी तरह से न्यायसंगत तरीके से हो।
इस फैसले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि बिहार सरकार ने केस को सीबीआई को सौंपकर यह साबित कर दिया कि राज्य का प्रशासनिक ढांचा भ्रष्ट, अयोग्य और अनप्रोफेशनल है। उनका कहना था कि पुलिस प्रशासन और एनडीए सरकार इस तरह के गंभीर मामले को सुलझाने में असफल रही है।
तेजस्वी ने आगे कहा कि नवरुणा कांड जैसे कई मामलों में सीबीआई वर्षों तक आरोपियों को पकड़ने में असफल रही और जांच बंद कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार की विधि व्यवस्था की जवाबदेही कौन लेगा और क्या सरकार हेडलाइन मैनेजमेंट के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करेगी।
मामला पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा है, जहां जहानाबाद जिले की छात्रा रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। परिजनों का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है, जबकि पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या माना था। इस विरोधाभास ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।