
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत के लिए पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) परिवेश का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि डेटा सुरक्षा और टेक्नोलॉजी के लोकतंत्रीकरण के बिना एआई का समावेशी और भरोसेमंद विकास संभव नहीं है।
लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर एआई क्षेत्र से जुड़े मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) और विशेषज्ञों के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास पैमाने, विविधता और लोकतंत्र का अनूठा संयोजन है, इसी कारण दुनिया भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे पर भरोसा करती है। उन्होंने कहा कि ‘सभी के लिए एआई’ के दृष्टिकोण के तहत तकनीक का उपयोग केवल प्रभाव पैदा करने के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया को प्रेरित करने के लिए भी होना चाहिए।
स्वदेशी तकनीक पर जोर
प्रधानमंत्री ने प्रमुख क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीकों के उपयोग का आग्रह करते हुए कहा कि नई टेक्नोलॉजी को सभी क्षेत्रों में अपनाकर राष्ट्रीय विकास को गति दी जा सकती है। उन्होंने उद्योग जगत से भारत को वैश्विक एआई प्रयासों का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट’ शिखर सम्मेलन से उम्मीदें
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह बैठक फरवरी में प्रस्तावित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट’ शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देना, एआई नवाचारों का प्रदर्शन करना और भारत के एआई मिशन को नई गति देना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन व्यक्तियों और कंपनियों के लिए नए अवसर तलाशने और तेज़ी से आगे बढ़ने का मंच बनेगा।
नैतिक एआई और कौशल विकास पर बल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नैतिक उपयोग पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने एआई से जुड़े कौशल विकास और प्रतिभा निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत का एआई परिवेश देश के चरित्र और मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए भारत ने अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है और इसी तरह की सफलता एआई के क्षेत्र में भी दोहराई जा सकती है।
बैठक में ये प्रमुख कंपनियां रहीं शामिल
इस उच्चस्तरीय बैठक में विप्रो, टीसीएस, एचसीएल टेक, जोहो कॉरपोरेशन, एलटीआई माइंडट्री, जियो प्लेटफॉर्म्स, अदानी कॉनेक्स, एनएक्सट्रा डेटा और नेटवेब टेक्नोलॉजीज के सीईओ शामिल हुए। इसके अलावा आईआईआईटी हैदराबाद, आईआईटी मद्रास और आईआईटी बॉम्बे के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
बैठक में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्यमंत्री जितिन प्रसाद भी शामिल हुए।