
मधुबनी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण के तहत मधुबनी जिले को 391 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य फोकस उन अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने पर है, जिनका शिलान्यास पूर्व में किया गया था, ताकि जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुबनी के कायाकल्प के लिए जिन योजनाओं की परिकल्पना की गई थी, उन्हें अब समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसी क्रम में जिले के लिए सात प्रमुख विकास योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जो भविष्य में मधुबनी की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन संभावनाओं को नई दिशा देंगी।
मधुबनी को मिले सात बड़े विकास तोहफे
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिन सात योजनाओं की घोषणा की, उनमें शामिल हैं—
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कमला नदी में पुरानी कमला को पुनः जोड़े जाने की परियोजना
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मिथिला हाट का विस्तार
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मधुबनी में नए बस अड्डे का निर्माण
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मधुबनी रिंग रोड का निर्माण
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फुलहर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना
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लौखी में विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना
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पश्चिम कोसी नहर का विस्तारीकरण
शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क ढांचे पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में मधुबनी में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। झंझारपुर में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना, कर्पूरी छात्रावास और एक दर्जन से अधिक मेडिकल संस्थानों की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही जिले में कई नई सड़कों, पुलों और संपर्क मार्गों का निर्माण हो रहा है। मधुबनी से सुपौल होते हुए सहरसा तक सड़क संपर्क को भी मजबूत किया गया है।
बिजली और बाढ़ नियंत्रण पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि अब अधिकांश घरों का बिजली बिल शून्य हो गया है। वहीं, बाढ़ नियंत्रण के लिए तटबंधों को ऊंचा किया जा रहा है और नहर परियोजनाओं के जरिए सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।
अधूरी योजनाओं की हुई समीक्षा
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने सुगरवे बियर रिवर फ्रंट, कोसी नहर विस्तारीकरण, नदी पुनर्जीवन योजना सहित जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत चल रही कई परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अमृत सरोवर, वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा और अपशिष्ट प्रसंस्करण जैसी योजनाओं को जल्द पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर जनता को वास्तविक लाभ पहुंचाना है। समृद्धि यात्रा के माध्यम से विकास कार्यों की जमीनी हकीकत की समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जा रहे हैं।