Monday, January 26

शहीद हर वीर सिर्फ भारतवासी: मोहन भागवत ने मुजफ्फरपुर में दिया एकता और सद्भाव का संदेश

 

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मुजफ्फरपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुजफ्फरपुर में समाज को एकजुटता और सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरहद पर शहीद होने वाला हर वीर सिर्फ भारतवासी होता है, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम। इसके साथ ही उन्होंने समाज को आंतरिक टकराव और हिंसा पर आत्ममंथन करने की आवश्यकता भी बताई।

 

सोमवार को कलमबाग चौक स्थित उत्तर बिहार प्रांत कार्यालय ‘मधुकर निकेतन’ में ध्वजारोहण करने के बाद डॉ. भागवत ने उत्तर बिहार के विभिन्न स्तर के संघ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर बौद्धिक मार्गदर्शन दिया।

 

उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “गणतंत्र दिवस हमें आपसी वैमनस्य छोड़कर सद्भाव के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है। जहां आपसी झगड़े और तनाव नहीं होते, वहां समृद्धि और सुख-शांति स्वतः आती है। संविधान केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्यों का भी बोध कराता है, और यह संस्कार हमें अपने बच्चों को भी देने चाहिए।”

 

डॉ. भागवत ने संविधान के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि सभी नागरिकों का यह कर्तव्य है कि वे नियम और कानून का पालन करें। यदि कोई कानून उचित न लगे तो उसे संवैधानिक तरीके से बदलने का प्रयास किया जा सकता है, लेकिन तब तक उसका पालन आवश्यक है।

 

संविधान निर्माताओं द्वारा धर्म को सामाजिक जीवन से जोड़ने की बात करते हुए उन्होंने कहा, “भारत के ध्वज में भगवा रंग त्याग और संस्कृति का प्रतीक है, सफेद रंग शांति का, जबकि चक्र निरंतर गतिशीलता और धर्म का संकेत देता है। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भी धर्म और संविधान के संबंध पर अपने भाषणों में विस्तार से चर्चा की है।”

 

इसके अलावा उन्होंने परंपराओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि ये पीढ़ी दर पीढ़ी अनुशासन और नैतिकता की शिक्षा देती हैं, जैसे बड़ों का सम्मान करना और सामाजिक मर्यादाओं का पालन करना।

 

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संघ के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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