Friday, January 23

बसंत पंचमी पर 10 मिनट में तैयार करें पारंपरिक केसरिया चावल की खीर कुकर में सिर्फ एक सीटी, स्वाद बिल्कुल मंदिर-सा

नई दिल्ली।
बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, कला और विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है और घरों में केसरिया पकवान बनाना शुभ समझा जाता है। परंपरागत रूप से केसरिया चावल की खीर बनाने में घंटों का समय लगता है, लेकिन प्रसिद्ध यूट्यूबर और कुकिंग एक्सपर्ट निशा मधुलिका ने इसकी एक आसान और त्वरित विधि साझा की है, जिससे महज 10 मिनट में कुकर में पारंपरिक स्वाद वाली खीर तैयार की जा सकती है।

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इस विधि में कुकर में केवल एक सीटी लगाकर खीर बनाई जाती है और बाद में गर्म दूध मिलाकर उसे वही गाढ़ापन और मलाईदार स्वाद दिया जाता है, जो लंबे समय तक दूध कड़ाने से मिलता है।

चावल और केसर की तैयारी

खीर बनाने के लिए एक तिहाई कप छोटे दाने वाले चावल लें। इन्हें दो बार साफ पानी से धोकर 20 मिनट के लिए भिगो दें। इसी दौरान गुनगुने दूध में केसर के कुछ धागे डालकर अलग रख दें, जिससे केसर अपना रंग और सुगंध छोड़ दे।

मेवों की खुशबूदार भुनाई

कुकर में दो चम्मच घी गर्म करें। इसमें इलायची के दाने और अपनी पसंद के मेवे—काजू, बादाम, चिरौंजी, नारियल व किशमिश—डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें। इससे खीर का स्वाद और भी समृद्ध हो जाता है।

कुकर में खीर की प्रक्रिया

भीगे हुए चावलों का पानी निकालकर उन्हें कुकर में मेवों के साथ डालें और एक मिनट तक भूनें। इसके बाद आधा लीटर फुल क्रीम दूध और केसर वाला दूध मिलाएं। कुकर का ढक्कन बंद कर एक सीटी आने तक पकाएं।

मलाई और दूध से आएगा पारंपरिक गाढ़ापन

भाप निकलने के बाद कुकर खोलें और इसमें आधा लीटर पहले से गर्म किया हुआ दूध मिलाएं। खीर को और अधिक शाही बनाने के लिए तीन चम्मच ताजी मलाई डालें और 2–3 उबाल आने तक पकाएं।

अंतिम चरण

अंत में स्वादानुसार चीनी डालकर एक मिनट तक चलाएं, ताकि चीनी अच्छी तरह घुल जाए। विशेषज्ञों के अनुसार, चीनी हमेशा अंत में डालनी चाहिए, जिससे चावल अच्छी तरह गल सकें।

इस तरह कुछ ही मिनटों में तैयार होती है खुशबूदार, गाढ़ी और पारंपरिक केसरिया चावल की खीर, जिसे बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती को भोग के रूप में अर्पित किया जा सकता है।

 

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