


दावोस: स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वैश्विक राजनीति में मध्यम शक्तियों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाली मौजूदा विश्व व्यवस्था कमजोर पड़ रही है। उन्होंने भारत और चीन जैसी देशों के महत्व को रेखांकित किया और चेतावनी दी कि इन्हें नजरअंदाज करना बड़ी गलती होगी।
कार्नी ने अपने भाषण में कहा, “अमेरिका ने दशकों तक वैश्विक राजनीति को संभाला है, लेकिन अब यह व्यवस्था टूट रही है। मध्यम शक्तियों को एकजुट होकर काम करना होगा। यदि आप मेज पर नहीं हैं, तो आप मेनू पर हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी ताकतों को खुश करने से सुरक्षा नहीं मिलती और मध्यम देशों के लिए एकजुटता ही वर्तमान परिदृश्य में सबसे बड़ा विकल्प है।
कार्नी ने खासतौर से भारत का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली को नए ग्लोबल ऑर्डर में अहम स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कनाडा अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने के प्रयास में है और भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने चीन, कतर, आसियान देशों, थाईलैंड, फिलीपींस और मर्कोसोर ब्लॉक के साथ नई रणनीतिक साझेदारी और व्यापारिक समझौतों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि वैश्विक समस्याओं का समाधान करने और नए विश्व व्यवस्था में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए इन देशों के साथ सहयोग आवश्यक है।
कार्नी का भाषण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने अमेरिका विरोधी रुख अपनाते हुए मध्यम शक्तियों को वैश्विक मंच पर अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी।


