
नई दिल्ली: भारत की प्रमुख डिजिटल पेमेंट कंपनी फोनपे (PhonePe) अपना आईपीओ (IPO) लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी करीब 12,000 करोड़ रुपये (लगभग 1.3 अरब डॉलर) जुटाने की योजना बना रही है। इसके लिए कंपनी को सेबी (SEBI) से मंजूरी मिल चुकी है। अगर यह आईपीओ ₹12,000 करोड़ का आता है, तो यह किसी स्टार्टअप के लिए शेयर बाजार में दूसरा सबसे बड़ा डेब्यू होगा।
फोनपे का आईपीओ ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के माध्यम से होगा। यानी इस आईपीओ से कंपनी को सीधे नए पैसे की प्राप्ति नहीं होगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचकर निवेशकों को दे देंगे। सूत्रों के अनुसार, इस ऑफर में Tiger Global, Microsoft और Walmart अपने शेयर बेचेंगे। फोनपे ने पिछले साल सितंबर में ही गुप्त तरीके से आईपीओ के लिए आवेदन किया था और कंपनी अगले कुछ दिनों में सेबी के पास अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर जमा करेगी।
आईपीओ कब आ सकता है?
विश्लेषकों की उम्मीद है कि फोनपे का आईपीओ अप्रैल 2026 में शेयर बाजार में आएगा। डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बनने के साथ-साथ, फोनपे ने बीमा, वेल्थ मैनेजमेंट, लोन और स्टॉक ब्रोकिंग जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार किया है। कंपनी ने सिंगापुर से भारत में अपना मुख्यालय स्थानांतरित किया है और देश में तेजी से बढ़ते फिनटेक बाजार में गूगल पे और पेटीएम जैसे बड़े खिलाड़ियों से मुकाबला कर रही है।
आईपीओ से पैसे का इस्तेमाल
विश्लेषकों का कहना है कि आईपीओ से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने विस्तार और नई सेवाओं को लॉन्च करने में कर सकती है। इससे निवेशकों को भी अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि फोनपे का आईपीओ सफल रहेगा, क्योंकि कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है और भारत में डिजिटल पेमेंट का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, बाजार की अस्थिरता और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कंपनी को चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है।
आईपीओ मार्केट में अन्य स्टार्टअप्स
इस महीने और भी कई स्टार्टअप्स शेयर बाजार में डेब्यू करने वाले हैं। इनमें SaaS कंपनी Amagi Media Labs और लॉजिस्टिक्स कंपनी Shadowfax शामिल हैं। इसके अलावा, Zepto, Oyo और Flipkart भी इस साल अपने आईपीओ की तैयारी कर रहे हैं। निवेशकों की बढ़ती रूचि के बावजूद, भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की अस्थिरता के कारण कई स्टार्टअप्स ने अपने मूल्यांकन को कम किया है।