Friday, January 16

नीता अंबानी को क्यों पसंद है बनारस की रंगकाट साड़ी? जानें खासियत और असली सोने का जादू

नई दिल्ली: नीता अंबानी का साड़ियों के लिए प्यार किसी से छिपा नहीं है। हर मौके पर उन्हें खूबसूरत साड़ी में देखा जाता है, लेकिन उनकी एक रंगकाट साड़ी इतनी खास है कि इसकी कहानी और कीमत सुनकर आप हैरान रह जाएंगे।

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रंगकाट साड़ी क्यों खास है:
बनारस की रंगकाट साड़ी हाथ से बनने वाली चुनिंदा साड़ियों में शामिल है। इस साड़ी की खासियत इसके रंगों के बहते हुए प्रभाव में है। रंगकाट का मतलब है रंगीन ताना, यानी साड़ी की बुनाई में अलग-अलग रंगों के धागों को इस तरह जोड़ा जाता है कि यह देखने में एक अद्भुत प्रभाव देती है।

क्यों नहीं खरीद सकता हर कोई:
नीता अंबानी जैसी बड़ी हस्तियां इसे आसानी से खरीद सकती हैं, लेकिन आम लोगों के लिए इसकी कीमत और बनावट इसे बेहद खास बनाती है। इसे शाही घरानों से भी जोड़ा जाता है और पहले यह दुल्हन के दहेज का हिस्सा भी होती थी।

बनाने में लगते हैं महीनों:
रंगकाट साड़ी को बनाने में कम से कम 3 महीने से लेकर सालों का समय लग जाता है। इसके लिए ताने-बाने में अलग-अलग रंगों के रेशमी धागे और सोने की असली तार का उपयोग किया जाता है। डिजाइन और सजावट के अनुसार समय बढ़ या घट सकता है।

नीता अंबानी की साड़ी की खासियत:
नीता अंबानी की रंगकाट साड़ी 28 चौक जाल वाली थी, जिसे मनीष मल्होत्रा ने डिजाइन किया। इस पर फ्लोरल और मोटिफ्स का बारीक काम किया गया और बनारस के चुनिंदा बुनकरों ने इसे बनाने में 6 महीने का समय लगाया।

असली और नकली बनारसी साड़ी कैसे पहचानें:

  • असली साड़ी छूने पर उंगलियों में गर्माहट महसूस होती है।
  • पल्लू 6 से 8 इंच लंबा होता है।
  • जीआई टैग चेक करना जरूरी है।
  • असली बनारसी साड़ी अंगूठी में से आरपार हो जाती है।

नीता अंबानी की रंगकाट साड़ी और उनके बनारसी साड़ी वाले लुक्स महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं। इसे पहनकर आप भी अपनी देसी शैली को शानदार बना सकती हैं।

 

 

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