
इस्लामाबाद/लाहौर, 14 जनवरी: भारतीय नागरिक सरबजीत कौर के पाकिस्तान से सुरक्षित लौटने की उम्मीदें फिलहाल अधर में हैं। बीते नवम्बर में सिख तीर्थयात्रियों के साथ पाकिस्तान गई सरबजीत वापस नहीं लौटीं। बाद में पता चला कि उन्होंने एक पाकिस्तानी व्यक्ति से निकाह कर लिया और इस्लाम कबूल कर अपना नाम नूर फातिमा रख लिया। फिलहाल वह लाहौर के शेल्टर होम में हैं।
सरबजीत के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें अगवा किया गया, ब्लैकमेल किया गया और उनकी मर्जी के खिलाफ जबरन धर्मपरिवर्तन कर निकाह कराया गया। उनके पति करनैल सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान के नासिर हुसैन नामक व्यक्ति ने सरबजीत को बहकाया, आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें ब्लैकमेल किया।
भारत लौटने में रुकावट:
पाकिस्तान सरकार ने सरबजीत को वाघा बॉर्डर पर भारत भेजने के लिए आवश्यक स्पेशल ट्रैवल परमिट और एनओसी जारी नहीं किया। हालाँकि उनका मेडिकल कर लिया गया था और फिट पाया गया था। इस कारण उनकी वापसी फिलहाल संभव नहीं हो पाई है।
कानूनी स्थिति:
लाहौर हाईकोर्ट में सरबजीत के डिपोर्ट और निकाह की वैधता पर सुनवाई चल रही है। अदालत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय, संघीय जांच एजेंसी और पंजाब पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। यह मामला पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के खिलाफ जबरन धर्मपरिवर्तन और निकाह की चिंताओं को फिर से उजागर करता है।
सरबजीत ने भी अपनी ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग में मदद की गुहार लगाई है और कहा है कि वह आजाद नहीं हैं।