
नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे में रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। अंततः भारत ने यह मैच 4 विकेट से अपने नाम किया। लेकिन मैच के दौरान कमेंट्री में हुई एक घटना ने सोशल मीडिया पर जोरदार हलचल मचा दी।
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर और टीम के बल्लेबाजी कोच रह चुके संजय बांगर, जो कमेंट्री पैनल का हिस्सा थे, ने कमेंट्री के दौरान हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा बताकर चर्चा का विषय बना दिया।
यह घटना तब हुई जब न्यूजीलैंड की पारी का 13वां ओवर चल रहा था। भारत की ओर से वॉशिंगटन सुंदर बॉलिंग कर रहे थे और विकेटकीपर केएल राहुल गेंद की गति से खुश नहीं दिख रहे थे। राहुल और सुंदर के बीच बातचीत तमिल में हो रही थी। इस दौरान पैनल में मौजूद पूर्व तेज गेंदबाज वरुण आरोन ने कहा कि सुंदर को तमिल में ज्यादा आसानी होती है और स्पीड देखने पर तुरंत गेंद 92 किमी/घंटा तक पहुँच गई।
इसके जवाब में संजय बांगर ने अपनी राय रखते हुए कहा कि वह हिंदी में विश्वास करते हैं और इसी दौरान उन्होंने हिंदी को ‘भारत की राष्ट्रभाषा’ बताया। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर खूब बहस छेड़ दी और कई तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आईं।
क्रिकेट प्रेमी और सोशल मीडिया यूजर्स बांगर के बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कुछ ने इसे सही ठहराया तो कुछ ने आपत्ति जताई। यह घटना यह दर्शाती है कि भाषा और खेल के बीच जुड़ाव पर भी लोगों की गहरी निगाह रहती है।