
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला शुरू होते ही सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले कुछ इन्फ्लूएंसरों की अवैध गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ में कुछ क्रिएटर्स सकारात्मक और जानकारीपूर्ण कंटेंट साझा कर रहे हैं, जबकि कुछ अधिक व्यूज और कमाई की लालसा में भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने से नहीं हिचक रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें साइबर पुलिस ने इंस्टाग्राम पर भ्रामक वीडियो पोस्ट करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
साइबर थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम ने बताया कि सिकंदरा बहरिया निवासी प्रदीप साहू ने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल @mrpraadeep से एक सुनियोजित वीडियो पोस्ट किया था, जिसका उद्देश्य माघ मेला में आए साधु-संतों की छवि को बदनाम करना था। जांच में पता चला कि उसने बिहार के मधेपुरा जिले निवासी चंदन कुमार को वीडियो बनाने के लिए पूरी स्क्रिप्ट पहले से तैयार कर दी थी।
निर्धारित स्क्रिप्ट के अनुसार चंदन कुमार को साधु-संतों के बीच जाकर लोगों से बातचीत करनी थी। वीडियो में दिखाया गया कि जब प्रदीप साहू उससे गायत्री मंत्र पूछते हैं, तो वह उसे नहीं बता पाता; आधार कार्ड मांगने पर देने से इनकार करता है और फिर भाग जाता है। इस पूरी स्थिति को इस तरह फिल्माया गया कि माघ मेला में मौजूद संतों की छवि को नुकसान पहुंचे।
पुलिस अधिकारी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि प्रदीप साहू ने यह वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, जिसे महज एक दिन में करीब 60 लाख (6 मिलियन) व्यूज मिल गए। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसका मकसद वीडियो को वायरल कर अपने अकाउंट की लोकप्रियता बढ़ाना और मेला से जुड़े व्यावसायिक विज्ञापनों के ऑफर पाना था।
साइबर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल डिवाइस की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि माघ मेला जैसे धार्मिक और संवेदनशील आयोजनों के दौरान किसी भी तरह की अफवाह, भ्रामक जानकारी या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कंटेंट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।