Tuesday, February 3

क्या आपका बच्चा आपकी कमजोरी का फायदा उठा रहा है? एक्सपर्ट ने बताई ये आसान ट्रिक

टीनएजर उम्र में माता-पिता और बच्चों के रिश्ते में तनाव बढ़ना आम बात है। लेकिन अगर इस दौरान बच्चा माता-पिता की किसी कमजोरी को पहचान ले, तो स्थिति और जटिल हो सकती है। कई बार बच्चे इन कमजोरियों का इस्तेमाल अपनी ताकत बनाने और माता-पिता पर हावी होने के लिए करते हैं।

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पेरेंटिंग कोच पुष्पा शर्मा के अनुसार, 11 से 14 साल की उम्र में बच्चे धीरे-धीरे अपने माता-पिता को समझने लगते हैं। इस दौरान वे न सिर्फ पेरेंट्स की खूबियों को पहचानते हैं, बल्कि उनकी कमजोरियों को भी भांप लेते हैं—जैसे मां की पढ़ाई पूरी नहीं हुई हो या पिता गुस्से में कुछ बोलने से कतराते हों।

कमजोरियां बन सकती हैं “कंट्रोल-स्विच”

पुष्पा शर्मा बताती हैं कि बच्चे पेरेंट्स की कमजोरियों को कंट्रोल-स्विच की तरह इस्तेमाल करने लगते हैं। उदाहरण के लिए, अगर बच्चा किसी बात को लेकर छेड़छाड़ करता है, तो मां चुप रह जाती हैं, या पिता किसी चीज़ को लेकर जवाब नहीं देते। धीरे-धीरे यह उनके बीच सम्मान की कमी और इमोशनल डॉमिनेंस का कारण बनता है।

बच्चों को समझ में आ जाता है डर और असमर्थता

बच्चे यह भी नोटिस करने लगते हैं कि मां कुछ स्थितियों में उनसे डरती हैं या पिता तकनीकी चीज़ों जैसे मोबाइल और इंटरनेट के मामले में कमजोर हैं। ये पैटर्न बच्चे जल्दी सीख लेते हैं और इसका उपयोग अपने लाभ के लिए करने लगते हैं।

एक्सपर्ट का उपाय: आत्मविश्वास के साथ संवाद

इस स्थिति में पुष्पा शर्मा की सलाह है कि माता-पिता अपनी कमजोरियों को गिल्ट के रूप में न देखें बल्कि उन्हें विजडम में बदलें। बच्चों से खुलकर कहें, “हाँ, मेरी पढ़ाई पूरी नहीं हुई, इसलिए मैं चाहता/चाहती हूं कि तुम मुझसे बेहतर पढ़ाई करो।” इसे आत्मविश्वास के साथ कहें, न कि जस्टिफिकेशन के तौर पर।

इस छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव से आप बच्चों पर अपनी पकड़ मजबूत रख सकते हैं और पेरेंटिंग को तनावमुक्त बना सकते हैं।

 

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