
जयपुर: राजस्थान के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में पूर्व कैबिनेट मंत्री महेश जोशी की कानूनी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने महेश जोशी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में अभियोजन की मंजूरी दे दी है। यह मामला जल जीवन मिशन के तहत कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है।
ईडी ने पहले ही महेश जोशी को इस मामले में गिरफ्तार किया था। अब प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत अभियोजन की मंजूरी मिलने के बाद अदालत में मामले की सुनवाई को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। ईडी का आरोप है कि जिस समय यह कथित अनियमितताएं हुईं, उस दौरान महेश जोशी जलदाय मंत्री थे और उनकी भूमिका संदिग्ध रही।
महेश जोशी को 24 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था और करीब 7 महीने बाद दिसंबर में उन्हें जमानत मिली थी। जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले में धन के लेन-देन और उससे जुड़े तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।
बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में ईडी के आरोपों को निराधार बताया था। उनके वकीलों का कहना था कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में दर्ज मूल एफआईआर में महेश जोशी का नाम शामिल नहीं है, और 2.01 करोड़ रुपये लेने के आरोप के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब अदालत में सुनवाई तेज होने की संभावना है। इस मामले की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनी रहेगी।