
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने भारत में हिंदू आबादी को लेकर चिंता जताते हुए सरकार से जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग की है। अलीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को जातिगत भेदभाव भूलकर एकजुट होना होगा, तभी भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जा सकेगा।
अलीगढ़ शहर के एक गेस्ट हाउस में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के संयुक्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तोगड़िया ने हिंदू समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और एकता के लिए हर गांव और शहर की प्रत्येक कॉलोनी में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया जाना चाहिए।
‘हिंदू आबादी में गिरावट का खतरा’
प्रवीण तोगड़िया ने अपने संबोधन में कहा कि
“करीब 2000 वर्ष पहले पूरी दुनिया में हिंदू समाज का व्यापक प्रभाव था, लेकिन आज विश्व की लगभग 800 करोड़ की आबादी में केवल करीब 100 करोड़ हिंदू ही बचे हैं।”
उन्होंने दावा किया कि यदि मौजूदा स्थिति बनी रही, तो आने वाले 70–80 वर्षों में भारत में हिंदुओं की संख्या 100 करोड़ से घटकर 50 करोड़ तक रह सकती है।
सरकार से की अहम नीतिगत मांगें
तोगड़िया ने केंद्र सरकार से जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग करते हुए कहा कि यह समय की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने की भी वकालत की।
उन्होंने देश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर करने की मांग दोहराई और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय बताया।
हिंदू समाज को ‘सप्त संकल्प’ का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान प्रवीण तोगड़िया ने हिंदू समाज से संगठित होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदू परिवारों में तीन बच्चों का संकल्प लेकर समाज को मजबूत किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने लोगों से तन, मन और धन से हिंदू हित में कार्य करने की अपील की।
एकजुटता पर दिया जोर
तोगड़िया ने कहा कि हिंदू समाज की ताकत उसकी एकता में है। जाति और वर्ग के भेद से ऊपर उठकर यदि समाज संगठित होता है, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।