
साउथ सुपरस्टार यश के जन्मदिन के मौके पर 8 जनवरी को उनकी अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक’ का पहला टीज़र रिलीज हुआ। इस टीज़र में यश के किरदार राया की दमदार और रहस्यमय झलक ने दर्शकों के बीच उत्सुकता और चर्चा पैदा कर दी है।
निर्देशक गीतू मोहनदास की इस फिल्म को अक्सर “बड़ों के लिए परीकथा” कहा जा रहा है, जिससे साफ है कि किरदारों के नाम भी विशेष अर्थ रखते हैं। राया सिर्फ एक आकर्षक नाम नहीं है, बल्कि इसमें कई स्तर हैं—सिंबलिक और ग्लोबल। यह नाम फिल्म में बनायी जा रही दुनिया का प्रतीक है और यश के किरदार की शक्ति और प्रभाव को दर्शाता है।
संस्कृत में ‘राया’ का अर्थ राजा या शासक होता है। टीज़र में दिखाई गई यश की मौजूदगी न केवल ताकत और दबदबे का प्रतीक है, बल्कि नेतृत्व और लीडरशिप का भी संकेत देती है। भारतीय दर्शक इसे विजयनगर साम्राज्य के प्रसिद्ध शासक कृष्ण देव राया से भी जोड़कर देख सकते हैं, जो अपनी रणनीति और टैलेंट के लिए जाने जाते थे।
हालांकि, राया कोई क्लासिक हीरो नहीं है। वह नैतिक रूप से अस्पष्ट सम्राट की झलक देता है—एक ऐसा शासक जो शासन करता है, लेकिन इसके लिए कीमत चुका रहा है। राया अपने आसपास हो रही हर चीज को वश में करने में माहिर है और भीड़ का हिस्सा नहीं बनता।
राया का किरदार गतिशील और मोशन से भरपूर है। हर सीन में बेचैनी, हलचल, आकर्षण और विनाश के तत्व मौजूद हैं। हिब्रू अर्थ में ‘राया’ का मतलब दोस्त या प्रिय भी होता है, जिससे दिखता है कि उसके डरावने और खूंखार रूप के पीछे जुड़ाव और चाहत की संभावना भी है।
गीतू मोहनदास के डायरेक्शन में बनी ‘टॉक्सिक’ एक रहस्यमय लोककथा की तरह कहानी कहती है कि कैसे राजा अत्याचारी बन सकते हैं, सेलिब्रेशन अत्याचार में बदल सकता है और प्रेम जुनून में परिवर्तित हो सकता है। राया का नाम इस फिल्म में अथॉरिटी, मोशन और इमोशन का प्रतीक है—ऐसे गुण जो अपनी शक्ति से खतरा और रोमांच दोनों पैदा कर सकते हैं।