
छतरपुर: जिले के सूरजपुर गांव में हेमलता साहू ने अपने पति राकेश साहू और ससुराल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हेमलता ने दावा किया है कि ससुराल वालों ने दहेज के लिए उसे संदिग्ध दवा खिलाई, जिससे उसकी आंखों की रोशनी 99% तक चली गई। इसके बाद उसके पति ने उसे धोखे से नोटरी दस्तावेज पर अंगूठा लगवाया और ₹1 लाख में दूसरी महिला राजकुमारी से शादी कर घर ले आए।
हेमलता का कहना है कि 2021 में राकेश साहू से उनकी शादी हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुर कल्लू साहू, सास हल्की बाई उर्फ प्यारी बाई और मामा कल्लू साहू ने दो लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर हेमलता के साथ मारपीट की गई और बीमारी के दौरान संदिग्ध दवा खिलाई गई, जिससे उनकी दृष्टि लगभग खत्म हो गई।
हेमलता ने आरोप लगाया कि पति ने बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर ली। अगस्त में समझौते के बहाने उसे बुलाकर मारपीट की गई, जिससे गंभीर चोटें आईं। हेमलता का कहना है कि उसकी अंधी हालत का फायदा उठाकर नोटरी दस्तावेज तैयार किया गया, जिसमें यह दिखाया गया कि वह अपनी सहमति से पति की दूसरी शादी करवा रही है।
दूसरी पत्नी राजकुमारी का दावा है कि यह सब तीनों की सहमति से हुआ। उन्होंने बताया कि शुरुआत में सभी शांतिपूर्वक रह रहे थे। उन्होंने कहा कि हेमलता की देखभाल करना उनका उद्देश्य था और उन्होंने इसे पूरी ईमानदारी से निभाया।
पति राकेश साहू ने कहा कि उनकी पहली पत्नी पहले से ही दृष्टिहीन थी और वह दोनों पत्नियों को साथ रखना चाहते हैं। उनका दावा है कि हेमलता को घर से नहीं निकाला गया है और वह चाहे तो उनके साथ रह सकती हैं।
छतरपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीएसपी अरुण सोनी ने बताया कि इस तरह के मामलों में स्टांप या नोटरी दस्तावेज कानूनी रूप से वैध नहीं माने जाते। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि वास्तविक स्थिति क्या है और किन परिस्थितियों में यह लिखा-पढ़ी की गई थी।