
नई दिल्ली: देश के टॉप उद्योगपतियों में शामिल वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल को नए साल में बड़ा सदमा लगा है। उनके इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में निधन हो गया। 49 वर्षीय अग्निवेश स्कीइंग के दौरान घायल हुए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
अग्निवेश के जाने से अग्रवाल परिवार गहरे दुख में डूब गया है, और अब सवाल उठता है कि वेदांता ग्रुप की अरबों डॉलर की विरासत का जिम्मा कौन संभालेगा।
वेदांता ग्रुप का बिजनेस और संपत्ति:
वेदांता का मार्केट कैप लगभग 2.33 लाख करोड़ रुपये है। इसका बिजनेस भारत के बाहर कई देशों में फैला है और इसमें हिंदुस्तान जिंक, भारत एल्युमिनियम कंपनी, केयर्न ऑयल एंड गैस और ईएसएल स्टील जैसी सहायक कंपनियां शामिल हैं। ग्रुप पावर, आयरन ओर, कॉपर और ऑयल एंड गैस जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। हाल ही में ग्रुप ने अपनी बिजनेस को पांच कंपनियों में डिमर्ज करने की योजना की घोषणा की थी।
किसे मिलेगी जिम्मेदारी?
अनिल अग्रवाल ने अपने दिवंगत बेटे अग्निवेश को याद करते हुए कहा कि उनके पास जितना भी धन आएगा, उसका 75% से ज्यादा समाज कल्याण में लगाया जाएगा। उन्होंने यह वादा दोहराया और कहा कि अब वे और सादगी से जीवन जीएंगे।
अनिल अग्रवाल की पत्नी किरण अग्रवाल हमेशा सुर्खियों से दूर रहती हैं। उनके दो बच्चे हैं—बेटा अग्निवेश और बेटी प्रिया अग्रवाल। प्रिया अग्रवाल वेदांता और हिंदुस्तान जिंक के बोर्ड में शामिल हैं। वह हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन और वेदांता में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। प्रिया की बिजनेस में मजबूत पकड़ को देखते हुए माना जा रहा है कि भविष्य में वे वेदांता ग्रुप की बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं।
बिहार के सबसे बड़े रईस:
अनिल अग्रवाल का जन्म बिहार के मारवाड़ी परिवार में हुआ था। उन्होंने मात्र 20 साल की उम्र में बिहार छोड़ मुंबई में नई जिंदगी शुरू की। मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर वे देश के टॉप 100 अमीरों में शामिल हो गए।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अग्निवेश के बाद वेदांता ग्रुप की अगली पीढ़ी किस दिशा में आगे बढ़ेगी और अरबों डॉलर की विरासत को कैसे संभालेगी।