Thursday, January 8

किसी भी परीक्षा की तैयारी में काम आएगी ये जापानी तकनीक, पढ़ाई आसानी से रहेगी याद

परीक्षाओं की तैयारी और रिवीजन (Revision) स्टूडेंट्स के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। अक्सर छात्र पढ़ने के बाद टॉपिक भूल जाते हैं या रिवीजन के बावजूद चीजें याद नहीं रहतीं। ऐसे में जापानी मेमोरी तकनीक (Japanese Memory Technique) छात्रों के लिए बेहद मददगार साबित हो सकती है।

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जापानी तकनीक में पढ़ाई का तरीका
इस तकनीक की खासियत यह है कि इसमें चुपचाप पढ़ने की बजाय छात्रों को जोर से पढ़ने की सलाह दी जाती है। यानी पढ़ाई के दौरान टेक्स्ट पर उंगली रखकर जोर से पढ़ें। ऐसा करने से दिमाग सक्रिय रूप से पढ़ा हुआ समझता है और चीजें लंबे समय तक याद रहती हैं।

रिवीजन का स्मार्ट तरीका
जापानी तकनीक में रिवीजन का तरीका भी अलग है। बार-बार पूरे टॉपिक को पढ़ने की बजाय, छात्रों को केवल मुख्य बिंदुओं, हेडिंग या तारीखों को हाईलाइट करके एक बार जोर से पढ़ना चाहिए। इसके बाद कॉपी या किताब बंद करके याद की गई चीजों को दोहराएं। इससे न केवल रिवीजन का समय कम होता है, बल्कि जानकारी लंबे समय तक दिमाग में रहती है।

सब्जेक्ट के अनुसार स्ट्रैटेजी
इस तकनीक में अलग-अलग विषयों के लिए अलग रणनीति अपनाई जाती है।

  • सिविक्स, पॉलिटिक्स, हिस्ट्री जैसे विषयों में टॉपिक को स्ट्रक्चर करके पढ़ना चाहिए और छोटे-छोटे बिंदुओं को नोट करना चाहिए।
  • मैथ और साइंस में फॉर्मूले लिखते समय उन्हें जोर से बोलना चाहिए। इससे याद रखने में मदद मिलती है और परीक्षा में सही ढंग से लिखने में आसानी होती है।

एक्टिव रिकॉल तकनीक
जापानी तकनीक में एक्टिव रिकॉल (Active Recall) का भी महत्वपूर्ण योगदान है। इसमें रिवीजन के बाद कॉपी या किताब बंद करके यह जांचा जाता है कि आपने क्या याद रखा और क्या नहीं। यह शुरुआत में अजीब लग सकता है, लेकिन परीक्षा के समय बेहद प्रभावी साबित होता है।

इस तरह, जापानी मेमोरी तकनीक न केवल पढ़ाई को रोचक बनाती है, बल्कि छात्रों को बेहतर परिणाम हासिल करने में भी मदद करती है।

 

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