
नई दिल्ली। – नवम्बर-दिसंबर की ठंड और डॉर्मेंसी के बाद जनवरी का महीना अपराजिता के पौधों के लिए सबसे अहम होता है। इस समय पौधे को सही पोषण और हल्की छंटाई की जरूरत होती है। गार्डनिंग एक्सपर्ट प्रिया ने घरेलू नुस्खों और पोषक तत्वों के जरिए पौधे को नए जीवन देने के आसान तरीके बताए हैं।
डॉर्मेंसी से बाहर आने की तैयारी
जनवरी में जैसे-जैसे धूप तेज होने लगती है, अपराजिता सक्रिय होने लगता है। इस दौरान टहनियों पर पीली पत्तियां दिखाई दें तो उन्हें हटा दें। पौधे की सफाई से ऊर्जा नई पत्तियों और फूलों पर केंद्रित होती है। नए पौधों की डीप प्रूनिंग न करें; हल्की छंटाई ही पर्याप्त है।
मिट्टी और पोषक तत्व तैयार करें
गमले की मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें ताकि जड़ों तक हवा पहुंचे। केले के 2–3 छिलके सूखा कर मिट्टी में दबा दें। यह पौधे को पोटेशियम देता है और फूलों के विकास में मदद करता है। छिलकों को जड़ से थोड़ा दूर रखें ताकि फंगस न लगे।
वैकल्पिक रूप से आप संतरे के छिलके, बादाम के छिलके या मटर के छिलके भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ये धीरे-धीरे मिट्टी में घुलकर पौधे को लंबी अवधि तक पोषण देते हैं।
कैल्शियम और खनिजों की पूर्ति
पौधे की मजबूती के लिए स्टोन डस्ट की पतली परत मिट्टी में मिलाएं। यह तने को मजबूत बनाता है और पौधे को बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है।
खाद और रासायनिक फर्टिलाइजर का संतुलन
गोबर की खाद डालकर पौधे को ऊर्जा दें। 3–4 दिन बाद महीने में एक बार डीएपी के दाने गमले के किनारों पर डालें। जैविक और रासायनिक खाद का संतुलन पौधे के तेजी से बढ़ने में मदद करता है।
देखभाल और इंतजार
सभी पोषक तत्व डालने के बाद पौधे को 20 दिनों तक अतिरिक्त फर्टिलाइजर न दें। इस दौरान केवल पानी की जरूरत के अनुसार मात्रा दें। 20 दिनों बाद नई कोपलें और कलियां दिखाई देने लगेंगी, और गमला नीले फूलों से भर जाएगा।