Wednesday, May 20

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सरबजीत कौर की वापसी पर सस्पेंस, पाकिस्तान ने भारतीय सिख महिला को लाहौर शेल्टर होम भेजा

इस्लामाबाद।
पाकिस्तान में इस्लाम धर्म अपनाकर पाकिस्तानी नागरिक से शादी करने वाली भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर को फिलहाल भारत वापस नहीं भेजा जाएगा। पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें लाहौर के दार-उल-अमन शेल्टर होम में स्थानांतरित कर दिया है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने अभी तक सरबजीत कौर को भारतीय अधिकारियों को सौंपने पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

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पहले यह खबर आई थी कि 5 जनवरी को सरबजीत कौर को भारत डिपोर्ट किया जाएगा, लेकिन ऐन वक्त पर यह प्रक्रिया रोक दी गई। अब महिला की कानूनी और प्रशासनिक स्थिति को लेकर पाकिस्तानी संस्थानों के बीच विचार-विमर्श जारी है।

तीर्थयात्रा के दौरान हुई थी पाकिस्तान में एंट्री

48 वर्षीय सरबजीत कौर 4 नवंबर को सिख तीर्थयात्रियों के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थीं। इसके अगले ही दिन वह लापता हो गईं। बाद में जानकारी सामने आई कि उन्होंने 5 नवंबर को इस्लाम धर्म कबूल कर नासिर हुसैन नामक पाकिस्तानी नागरिक से शादी कर ली।

जियो न्यूज के मुताबिक, नासिर हुसैन ने वर्ष 2016 में सोशल मीडिया के जरिए सरबजीत कौर से संपर्क किया था। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बना। बताया गया है कि सरबजीत कौर तलाकशुदा थीं और इससे पहले भी पाकिस्तान जाने की कोशिश कर चुकी थीं, लेकिन उन्हें वीजा नहीं मिल पाया था।

सुरक्षा एजेंसियों ने लिया हिरासत में

इस मामले के सामने आने के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने सरबजीत कौर और नासिर हुसैन को हिरासत में लिया था। अब सरबजीत कौर को लाहौर के शेल्टर होम में रखा गया है, जबकि उनके भविष्य को लेकर कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

भारत भेजने की मांग, कोर्ट में याचिका

पाकिस्तान के सिख संगठनों ने सरबजीत कौर को जल्द भारत भेजने की मांग को लेकर लाहौर की अदालत में याचिका दायर की है। सिख संगठन की ओर से पैरवी कर रहे वकील अहमद हसन पाशा ने कहा कि
फॉरेनर्स एक्ट 1946 के तहत सरबजीत कौर को पाकिस्तान में रहने की अनुमति नहीं है, इसलिए उन्हें भारत वापस भेजा जाना चाहिए।”

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बाद में सरबजीत कौर भारत से पति-पत्नी वीजा पर पाकिस्तान लौट सकती हैं और स्थायी निवास के लिए पाकिस्तानी कानूनों के तहत आवेदन कर सकती हैं।

मामला अभी अदालत में लंबित

दूसरी ओर, लाहौर हाई कोर्ट में सरबजीत कौर के खिलाफ मामला लड़ रहे वकील अली चंगेज़ी सिंधु का कहना है कि केस अभी भी कोर्ट में लंबित है। 5 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस फारूक हैदर ने कैबिनेट डिवीजन, पंजाब के इंस्पेक्टर जनरल, फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) और अन्य संबंधित संस्थानों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

निष्कर्ष

फिलहाल सरबजीत कौर की भारत वापसी पर असमंजस बना हुआ है। एक ओर सिख संगठन और कानून उन्हें भारत भेजने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी सरकार और अदालतें उनके मामले की जांच कर रही हैं। ऐसे में यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि कानूनी, कूटनीतिक और मानवाधिकार पहलुओं से भी जुड़ता जा रहा है।

 

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