Thursday, January 8

महीनों तक दिन-रात चली मोटरें, तब जाकर खाली हुआ मौत का ‘काला गड्ढा’, 90 फीट नीचे ट्रक में मिला ड्राइवर का कंकाल Edited By: आकाश सिकरवार, Reported By: रविंद्र सिंह गिल

 

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शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में SECL सोहागपुर एरिया की बंद पड़ी अमलाई ओपन कास्ट माइन (OCM) में 11 अक्टूबर 2025 को एक दर्दनाक हादसा हुआ था, जिसमें ट्रिपर हाइवा चालक अनिल कुशवाहा की मौत हो गई। लंबे समय तक पानी और कीचड़ में समाए रहे अनिल का शव 87 दिन बाद आखिरकार निकाला जा सका, लेकिन इस दौरान उनका शरीर कंकाल में बदल चुका था।

 

हादसा और रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के दौरान अनिल कुशवाहा कोयला खदान में मिट्टी डालने का काम कर रहे थे, जब बरसात के कारण मिट्टी धंस गई और वह ट्रिपर के साथ 90 फीट गहरे पानी में समा गए। इस हादसे के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और भारतीय सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन खदान में लाखों लीटर पानी और कीचड़ होने के कारण शव को निकालने में सफलता नहीं मिली। लगातार मोटर लगाकर पानी की निकासी की गई, और तीन महीने बाद, 6 जनवरी को एसडीआरएफ ने भारी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।

 

पानी में लंबे समय तक रहने के कारण कंकाल बना शव

अवधि के इतने लंबे होने के कारण शव कंकाल में बदल चुका था, और इसने अधिकारियों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, एसडीआरएफ की टीम ने पूरी मेहनत के साथ शव को ट्रक के साथ बाहर निकाला।

 

सुरक्षा मानकों की अनदेखी और कानूनी कार्रवाई

इस हादसे में RKTC ठेका कंपनी का डोजर मशीन और ट्रिपर ट्रक भी गहरे दलदली पानी में समा गए थे, और दो अन्य कर्मचारी घायल हो गए थे। इस घटना के 48 दिन बाद, धनपुरी पुलिस ने SECL और RKTC कंपनी के 6 अधिकारियों पर जीवन के अधिकार का उल्लंघन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने के आरोप में मामला दर्ज किया।

 

मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित विवाद

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अनिल कुशवाहा का मृत्यु प्रमाण पत्र शव मिलने से दो महीने पहले ही जारी कर दिया गया था, जबकि पोस्टमार्टम अब किया जाएगा। परिजनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जो अभी विचाराधीन है।

 

आखिरकार शव परिजनों को सौंपा गया

6 जनवरी को शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस और प्रशासन ने शव मिलने के बाद मामले की जांच तेज कर दी है और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

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