Wednesday, January 7

गरीबों की झोपड़ी के बाद जमींदोज हुई ‘कैलाश कोठी’, जानें प्रशासन के लिए क्यों बना प्रतिष्ठा का सवाल

 

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रवि सिन्हा, रांची: झारखंड की राजधानी रांची में स्थित रिम्स की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद रांची प्रशासन ने बरियातू स्थित डीआईजी मैदान के पास बनी विवादित ‘कैलाश कोठी’ को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में भारी विरोध और तनाव का सामना करना पड़ा, जिसके कारण पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

 

कैलाश कोठी को ध्वस्त करने का कारण

जानकारी के अनुसार, कैलाश कोठी रिम्स के लिए अधिग्रहित 33 डिसमिल जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी। जब प्रशासन ने इस अवैध निर्माण को गिराने के लिए टीम भेजी, तो वहां रहने वाले परिजनों और उनके समर्थकों ने इसका कड़ा विरोध किया। स्थिति बिगड़ने के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाया और पुलिस सुरक्षा घेरे के बीच बुलडोजर ने कोठी को गिराने का कार्य शुरू किया।

 

हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

हालांकि, कैलाश कोठी को बचाने के लिए खुशबू सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उनका कहना था कि जिस जमीन पर कोठी बनी है, उसे रिम्स द्वारा अधिग्रहित नहीं किया गया था और उनके पास जमीन के वैध दस्तावेज हैं। लेकिन अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि इस मामले में कोई ‘मेरिट’ नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि 23 दिसंबर को ही इस मामले में फैसला आ चुका था और उसे लागू किया जाएगा।

 

अतिक्रमण हटाने की मुहिम

झारखंड उच्च न्यायालय ने रिम्स से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अस्पताल की जमीन से सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाने का सख्त निर्देश दिया था। इसके बाद, जिला प्रशासन ने इस आदेश को लागू करने के लिए चरणबद्ध तरीके से रिम्स की जमीन को खाली कराया।

 

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