
नई दिल्ली: लाल धातु यानी कॉपर (तांबा) की कीमत ने नया रिकॉर्ड बनाया है। सोमवार को यह पहली बार 13,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि साल 2026 में तांबा सोने और चांदी को रिटर्न के मामले में कड़ी टक्कर दे सकता है।
लंदन मेटल एक्सचेंज में बेंचमार्क कॉपर की कीमत में 4.7% तक की तेजी आई, जो नवंबर के मध्य से लगभग 20% की बढ़ोतरी को दर्शाती है। इस उछाल का मुख्य कारण आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता, मजबूत अमेरिकी मांग और भविष्य में संभावित आयात शुल्क का डर है।
एमसीएक्स पर भी कॉपर की कीमत में तेजी जारी रही। मंगलवार को सुबह 11:30 बजे तक यह 1327.50 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी, जबकि सोमवार को यह 1313.30 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
क्यों बढ़ रही तांबे की कीमत?
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी आयात में तेजी और टैरिफ की आशंका के कारण तांबे का प्रीमियम बढ़ रहा है। इसके अलावा, चिली की खदान में हड़ताल और सप्लाई में दिक्कतें भी कीमतों को ऊँचा ले जा रही हैं। वहीं, बिजली के तारों, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों में बढ़ती मांग ने भी तांबे की कीमतों में तेजी लाई है।
साल 2025 में भी तांबे ने निवेशकों को बड़ा रिटर्न दिया। एमसीएक्स पर तांबे की कीमत 796 रुपये से बढ़कर 1197 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी, जो लगभग 50% का उछाल था। इस दौरान तांबे ने निफ्टी 100, निफ्टी मिडकैप 150 और निफ्टी स्मॉलकैप 250 जैसे प्रमुख सूचकांकों को भी पीछे छोड़ दिया।
आगे क्या होगा?
साल 2026 में तांबा सोना और चांदी के रिटर्न को चुनौती दे सकता है। हालांकि, वर्तमान में सोने और चांदी में भी तेजी बनी हुई है। चांदी ने हाल ही में ढाई लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार किया है। ऐसे में तांबे का मुकाबला इन कीमती धातुओं से कड़ा होने वाला है।