
संभल।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए रविवार देर रात बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई स्वयं सड़क पर उतरकर पूरे अभियान की निगरानी करते नजर आए। भारी पुलिस बल और विद्युत विभाग की टीमों के साथ जिले के कई संवेदनशील और मुस्लिम बहुल इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, रायसत्ती थाना क्षेत्र सहित कई इलाकों से लंबे समय से बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह विशेष अभियान चलाया गया। अलग-अलग टीमों को गलियों और मोहल्लों में भेजकर घर-घर बिजली कनेक्शनों की जांच कराई गई।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एडिशनल एसपी, अपर जिलाधिकारी, चार सीओ और तीन एसडीएम मौके पर मौजूद रहे। साथ ही पीएसी, महिला पुलिस और पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। पूरे इलाके में रातभर प्रशासनिक हलचल बनी रही।
अवैध केबल और कटिया कनेक्शन मिले
विद्युत विभाग की ओर से अधीक्षण अभियंता, एसडीओ, एससीएन समेत वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी अभियान में शामिल रहे। जांच के दौरान कई स्थानों पर कटिया डालकर, अवैध केबल के जरिए और सीधे मेन लाइन से बिजली चोरी किए जाने के मामले सामने आए। ऐसे सभी कनेक्शनों को तत्काल काटते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई।
‘मिनी बिजली घर’ का खुलासा
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि रायसत्ती थाना क्षेत्र में एक मकान से चोरी की बिजली का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, जहां से आसपास के कई घरों को सप्लाई दी जा रही थी। उन्होंने इसे “मिनी बिजली घर” करार देते हुए कहा कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पहले भी हो चुका है ऐसा अभियान
गौरतलब है कि संभल में इससे पहले भी बिजली चोरी के खिलाफ इसी तरह के रात्रिकालीन अभियान चलाए जा चुके हैं। पिछले वर्ष की कार्रवाई में अवैध पावर हाउस और बड़े स्तर पर बिजली चोरी का खुलासा हुआ था, जिससे बिजली विभाग को भारी राजस्व नुकसान होने की बात सामने आई थी।