Tuesday, January 6

ईडी की गिरफ्त में आए सुरेंद्रनगर के पूर्व कलेक्टर राजेंद्र पटेल सस्पेंड गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बढ़ीं मुश्किलें

 

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अहमदाबाद।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद सुरेंद्रनगर के पूर्व कलेक्टर और 2015 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार पटेल की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गुजरात सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अगुवाई वाली सरकार ने यह फैसला रविवार देर शाम लिया।

 

राज्य सरकार ने यह कार्रवाई ईडी की हिरासत में 48 घंटे पूरे होने के बाद सेवा नियमों के तहत की है। इससे पहले सरकार उन्हें कलेक्टर पद से हटा चुकी थी।

 

लैंड यूज परिवर्तन में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप

 

ईडी ने डॉ. राजेंद्र पटेल को भूमि उपयोग (लैंड यूज) परिवर्तन से जुड़े कथित बड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि सुरेंद्रनगर कलेक्ट्रेट में भूमि उपयोग परिवर्तन के आवेदनों को तेजी से मंजूरी देने के बदले संगठित रूप से रिश्वत वसूली जा रही थी।

 

सरकारी आदेश में क्या कहा गया

 

गुजरात सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि

डॉ. राजेंद्र कुमार पटेल को 2 जनवरी 2026 से निलंबित माना जाएगा। आदेश के अनुसार, इस मामले में सुरेंद्रनगर कलेक्ट्रेट के कई अधिकारी और कर्मचारी भी गिरफ्तार किए गए हैं।

 

रिश्वत के बंटवारे का खुलासा

 

ईडी के अनुसार, गिरफ्तार डिप्टी मामलातदार व कार्यकारी मजिस्ट्रेट चंद्रसिंह मोरी ने पूछताछ में बताया कि वसूली गई रिश्वत का

 

50 प्रतिशत हिस्सा कलेक्टर राजेंद्र पटेल को,

25 प्रतिशत आवासीय अतिरिक्त कलेक्टर आर.के. ओझा को,

10 प्रतिशत खुद को,

10 प्रतिशत मामलातदार मयूर दवे को

और 5 प्रतिशत क्लर्क मयूर सिंह गोहिल को दिया जाता था।

 

7 जनवरी तक ईडी की हिरासत में

 

डॉ. राजेंद्र पटेल को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। विशेष PMLA कोर्ट ने उन्हें 7 जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है। ईडी इस मामले में करीब 1500 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले की भी जांच कर रही है।

 

गुजरात की ब्यूरोक्रेसी में मचा हड़कंप

 

आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी और निलंबन के बाद गुजरात की नौकरशाही में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले को लेकर प्रशासनिक गलियारों में तीखी चर्चाएं हैं। सूत्रों के मुताबिक, ईडी की जांच में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

 

डेंटिस्ट से आईएएस तक का सफर

 

मूल रूप से अहमदाबाद निवासी डॉ. राजेंद्र कुमार पटेल ने बीडीएस (डेंटल) की पढ़ाई के बाद यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बने थे। कलेक्टर जैसे अहम पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसना राज्य प्रशासन के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है।

 

 

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