
नई दिल्ली: सोने की तरह ही चांदी की कीमतों में भी इस साल जबरदस्त तेजी देखी गई है। शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 को चांदी ने नए रिकॉर्ड स्तर को छू लिया। एमसीएक्स पर इसकी कीमत एक दिन में 17,000 रुपये बढ़कर 2,40,935 रुपये प्रति किलो हो गई। कारोबार के दौरान यह 2,42,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी थी। कॉमेक्स पर चांदी का भाव $79.70 प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी अब दुनिया की दूसरी सबसे वैल्यूएबल एसेट बनने के कगार पर है। इसका मार्केट कैप 4.4 ट्रिलियन डॉलर हो गया है और यह केवल 4.5% दूर है एनवीडिया के मार्केट कैप (4.638 ट्रिलियन डॉलर) से। अगर चांदी एनवीडिया को पीछे छोड़ती है तो सोने के बाद यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एसेट बन जाएगी।
क्यों बढ़ रही है डिमांड:
चांदी ने 52 सप्ताह के निचले स्तर $27.545 प्रति औंस से लगभग 190% की बढ़ोतरी दर्ज की है।
अल्पावधि से मध्यावधि में चांदी $100 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना है।
सेफ हेवन के रूप में निवेशकों की बढ़ती मांग और औद्योगिक खपत में वृद्धि।
सॉलिड-स्टेट बैटरी, ईवी और सोलर एनर्जी में चांदी की बढ़ती जरूरत।
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव के कारण पेरू से चांदी के निर्यात में बाधा, जिससे आपूर्ति घट रही है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि चांदी की आपूर्ति लगभग 850 मिलियन औंस है, जबकि मांग 1.16 बिलियन औंस तक पहुंच चुकी है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में चांदी की कीमत में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
निष्कर्ष:
सोने के साथ ही चांदी ने भी निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनना शुरू कर दिया है। शादी-ब्याह, निवेश या औद्योगिक जरूरत – हर क्षेत्र में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है।