
नई दिल्ली: पाकिस्तान अब यूरोपीय देशों की ओर रुख कर भारत के रणनीतिक साझेदारों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हाल ही में पाकिस्तान ने पोलैंड के साथ राजनीतिक और आर्थिक संबंध मजबूत करने के लिए एक नई डील की है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अक्टूबर में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने पाकिस्तान का दौरा किया और व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, शिक्षा और आतंकवाद-विरोधी सहयोग पर चर्चा की।
खनन और ऊर्जा क्षेत्र में गहरा सहयोग:
दोनों देशों ने खनन और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया, जिसमें पोलिश ऑयल एंड गैस कंपनियों द्वारा पाकिस्तान में प्राकृतिक गैस परियोजनाओं में हिस्सेदारी शामिल है। इस साझेदारी से वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार 1 अरब डॉलर से अधिक का होने का अनुमान है।
भारत-पोलैंड के पारंपरिक रिश्ते प्रभावित:
भारत और पोलैंड के बीच लंबे समय से मजबूत और दोस्ताना संबंध हैं। 1954 में स्थापित राजनयिक संबंध और आर्थिक सहयोग के चलते पोलैंड भारत का पूर्वी यूरोप में सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। 2013-2023 की अवधि में द्विपक्षीय व्यापार में 192% की वृद्धि हुई और भारत से पोलैंड को टेक्सटाइल्स, मशीनरी, विद्युत उपकरण, रासायनिक उत्पाद और खाद्य पदार्थ निर्यात किए जा रहे हैं।
पाकिस्तान ने आर्मेनिया के साथ भी बनाई डील:
इसके पहले पाकिस्तान ने भारत के रणनीतिक साझेदार आर्मेनिया के साथ भी राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। इस कदम से भारत के लिए दक्षिण काकेशस क्षेत्र में समीकरण बदल सकते हैं।
विश्लेषण:
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान की यह चाल भारत के सामरिक और आर्थिक हितों को चुनौती देती है। यूरोपीय और पड़ोसी देशों में पाकिस्तान की बढ़ती सक्रियता भारत के लिए नई कूटनीतिक और सुरक्षा चुनौतियां पैदा कर सकती है।