
नई दिल्ली। कमजोर शुरुआत के बावजूद शेयर बाजार में सोमवार को कुछ स्टॉक्स ने निवेशकों को चौंका दिया। इनमें एलीटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड का नाम सबसे आगे रहा, जो एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कारोबार शुरू होने के कुछ ही देर बाद इस शेयर में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लग गया और दोपहर 2 बजे तक यह 114.84 रुपये पर ट्रेड करता नजर आया। बीते 5 कारोबारी सत्रों में शेयर 20 प्रतिशत से अधिक चढ़ चुका है, जबकि लगातार 6 दिनों से इसमें अपर सर्किट लग रहा है।
883 करोड़ रुपये के बड़े एक्सपोर्ट ऑर्डर से उछाल
एलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयर में आई इस तेजी के पीछे कंपनी को मिला एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की कंपनी यूवी इंटरनेशनल ट्रेड FZE ने एलीटकॉन को करीब 883 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट ऑर्डर दिया है। इस समझौते के तहत कंपनी सिगरेट, प्रीमिक्स शीशा, हुक्का तंबाकू, स्मोकिंग मिक्सचर और तंबाकू से जुड़े अन्य उत्पादों की आपूर्ति करेगी।
इस डील में एक साल का लॉक-इन पीरियड शामिल है, यानी इस अवधि में कॉन्ट्रैक्ट को रद्द नहीं किया जा सकेगा। यह समझौता कंपनी के लिए अगले दो वर्षों तक स्थिर और सुनिश्चित एक्सपोर्ट वॉल्यूम लेकर आएगा।
कंपनी को होंगे बहुआयामी फायदे
यूएई से मिले इस ऑर्डर से एलीटकॉन की उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग संभव होगा। मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स की योजना अधिक प्रभावी बनेगी और मिडिल ईस्ट के बाजारों में कंपनी की पकड़ और मजबूत होगी। खास बात यह है कि इन बाजारों में तंबाकू उत्पादों की मांग लगातार बनी रहती है। यह कॉन्ट्रैक्ट 1 जनवरी 2026 से लागू होगा और दो वर्षों तक वैध रहेगा।
पहले भी बना चुका है निवेशकों को करोड़पति
एलीटकॉन इंटरनेशनल का यह शेयर पहले भी निवेशकों के लिए सोने की खान साबित हो चुका है। अगस्त 2024 में इसकी कीमत महज 1.34 रुपये थी, जो अगस्त 2025 तक बढ़कर 422.65 रुपये (52 सप्ताह का उच्चतम स्तर) पर पहुंच गई। इस दौरान निवेशकों को एक साल में 31,000 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न मिला और 50 हजार रुपये का निवेश डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा में तब्दील हो गया।
हालांकि, इसके बाद शेयर में तेज गिरावट आई और यह करीब 86 रुपये तक फिसल गया, यानी लगभग 80 प्रतिशत की गिरावट। अब हालिया तेजी ने फिर से उम्मीद जगा दी है कि यह स्टॉक दोबारा मल्टीबैगर की राह पकड़ सकता है।
कंपनी का प्रोफाइल
वर्ष 1987 में स्थापित एलीटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए सिगरेट, स्मोकिंग मिक्सचर, शीशा और तंबाकू उद्योग से जुड़े अन्य उत्पादों का निर्माण करती है। पहले यह कंपनी ‘काशीराम जैन एंड कंपनी लिमिटेड’ के नाम से जानी जाती थी। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को कंपनी का मार्केट कैप करीब 18,357 करोड़ रुपये रहा।
डिस्क्लेमर: यह समाचार केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।