Tuesday, July 21

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राहुल गांधी ने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर साधा निशाना, छात्रों के भविष्य पर जताई चिंता
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राहुल गांधी ने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर साधा निशाना, छात्रों के भविष्य पर जताई चिंता

देहरादून/नई दिल्ली, 18 जुलाई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश में कथित पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हुए हैं, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी का संदेश कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया पर साझा किया। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में औसतन हर महीने एक पेपर लीक हुआ, जिससे लगभग 7.5 करोड़ छात्रों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े मामलों के बावजूद किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली। राहुल गांधी ने कहा कि यह देश के युवाओं, उनके माता-पिता, उनकी मेहनत और संघर्ष का अपमान है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह बयान कांग्रेस के "छात्रों की ...
भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया अध्याय, विक्रम-1 के प्रक्षेपण पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गर्व
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भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया अध्याय, विक्रम-1 के प्रक्षेपण पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गर्व

नई दिल्ली, 18 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बताते हुए निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि आज पूर्वाह्न 11:30 बजे स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विक्रम-1 का पहला कक्षीय प्रक्षेपण किया जाएगा। उन्होंने इसे भारत का पहला स्वदेशी निजी क्षेत्र द्वारा विकसित प्रक्षेपण यान बताते हुए कहा कि यह देश की अंतरिक्ष यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री के अनुसार, विक्रम-1 एक चार-चरणीय (फोर-स्टेज) रॉकेट है, जिसे तेज़, लचीली और आवश्यकता-आधारित उपग्रह प्रक्षेपण सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मिशन से भारत की निजी अंतरिक्ष उद्योग की क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी तथा न...
6 अगस्त को लॉन्च होगी ‘सद्वार्ता’ एवं ‘SDNA’ की राष्ट्रीय डिजिटल न्यूज़ फ़ीड सेवा, देशभर के मीडिया हाउस को मिलेगी निःशुल्क RSS Feed सुविधा
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6 अगस्त को लॉन्च होगी ‘सद्वार्ता’ एवं ‘SDNA’ की राष्ट्रीय डिजिटल न्यूज़ फ़ीड सेवा, देशभर के मीडिया हाउस को मिलेगी निःशुल्क RSS Feed सुविधा

नई दिल्ली। डिजिटल मीडिया जगत के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए Luniya Vinayak Group of Companies आगामी 6 अगस्त को अपनी राष्ट्रीय डिजिटल समाचार सेवा सद्वार्ता (SD News Agency – हिंदी) एवं SDNA (SD News Agency – English) का औपचारिक शुभारंभ करने जा रहा है। इस सेवा के माध्यम से देशभर के हिंदी एवं अंग्रेज़ी भाषा के डिजिटल मीडिया हाउस, न्यूज़ पोर्टल एवं ऑनलाइन समाचार प्लेटफ़ॉर्म निःशुल्क RSS Feed एवं Source Link के माध्यम से अपने पोर्टल पर समाचारों का स्वतः (Automatic) प्रकाशन कर सकेंगे। इसके लिए किसी भी मीडिया संस्थान को किसी अन्य समाचार एजेंसी अथवा डिजिटल कंटेंट प्रदाता को भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। सद्वार्ता के माध्यम से हिंदी समाचार तथा SDNA के माध्यम से अंग्रेज़ी समाचार उपलब्ध कराए जाएंगे। समाचार सेवा में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य, जिला एवं स्थानीय स्तर की खबरों के साथ भ...
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के नाम शशि थरूर का खुला पत्र, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और संवाद की वकालत
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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के नाम शशि थरूर का खुला पत्र, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और संवाद की वकालत

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और देशभर के युवाओं के नाम एक खुला पत्र जारी करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि मेहनत और योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने वाले युवाओं का विश्वास तब टूट जाता है, जब प्रश्नपत्र लीक होते हैं, परीक्षाएं रद्द होती हैं और पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ जाती है। अपने पत्र में थरूर ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए लिखा कि उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ, जहां उनके पिता वेतनभोगी समाचार पत्र कर्मचारी थे और माता गृहिणी थीं। उन्होंने कहा कि सीमित आय वाले परिवारों के लिए छात्रवृत्ति, निष्पक्ष परीक्षाएं और ईमानदार परिणाम ही बच्चों के भविष्य का आधार होते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी शिक्षा और उपलब्धियां कड़ी मेहनत और योग्यता के बल पर संभव हुईं। शशि थरूर ने कहा...
विपक्ष के सवालों से ध्यान भटकाने के बजाय सरकार जवाब दे: अभिजीत डिपके
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विपक्ष के सवालों से ध्यान भटकाने के बजाय सरकार जवाब दे: अभिजीत डिपके

नई दिल्ली। छात्र संगठन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत डिपके ने केंद्र सरकार से संवाद और जवाबदेही की मांग करते हुए कहा है कि मौजूदा समय में असली मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, न कि ऐसे सवाल उठाए जाएं जो मूल विषय से ध्यान भटकाएं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मंगलवार को किए गए एक पोस्ट में डिपके ने लिखा कि यह पूछने के बजाय कि विपक्ष के नेताओं ने सीजेपी (CJP) का समर्थन क्यों नहीं किया या संगठन के सभी सदस्य सोनम सर के साथ भूख हड़ताल पर क्यों नहीं बैठे, उन सवालों पर ध्यान देना चाहिए जो वास्तव में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री आंदोलनकारियों से संवाद करने से क्यों बच रहे हैं और शिक्षा मंत्री को अब तक जवाबदेह क्यों नहीं ठहराया गया है। डिपके ने अपने पोस्ट में कहा कि जनता ऐसे प्रश्नों के उत्तर चाहती है जो सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करें। उनके अनु...
अखिलेश यादव ने सोनम वांगचुक का जाना हाल, CJP आंदोलन को दिया समर्थन
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अखिलेश यादव ने सोनम वांगचुक का जाना हाल, CJP आंदोलन को दिया समर्थन

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से फोन पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान उन्होंने CJP आंदोलन के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया। यह जानकारी CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने अपने पोस्ट में बताया कि अखिलेश यादव ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की तथा आंदोलन के समर्थन में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। अभिजीत डिपके ने अपने संदेश में अखिलेश यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के युवाओं के साथ खड़े होने के लिए वे उनके हृदय से आभारी हैं। गौरतलब है कि सोनम वांगचुक इन दिनों CJP आंदोलन के समर्थन में सक्रिय हैं। अखिलेश यादव द्वारा की गई यह बातचीत और समर्थन का संदेश सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना ह...
न्यायालय की गरिमा और नागरिक मर्यादा लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति
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न्यायालय की गरिमा और नागरिक मर्यादा लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति

न्यायिक सुधारों के साथ संस्थाओं के सम्मान और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण पर बल : डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। न्यायपालिका लोकतंत्र का वह मजबूत स्तंभ है, जहाँ प्रत्येक नागरिक अंतिम उम्मीद लेकर पहुँचता है। इसलिए न्यायालय की गरिमा बनाए रखना केवल न्यायाधीशों या अधिवक्ताओं की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी संवैधानिक जिम्मेदारी है। यह विचार प्रख्यात कवि, सामाजिक विचारक एवं स्तंभकार डॉ. सत्यवान सौरभ ने अपने विचार लेख "न्याय के मंदिर की गरिमा और नागरिक मर्यादा" में व्यक्त किए हैं। डॉ. सौरभ ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सफलता न्यायपालिका के प्रति जनता के विश्वास पर आधारित है। यदि न्यायालयों की कार्यवाही के दौरान अमर्यादित व्यवहार, अभद्र भाषा, धमकी या अव्यवस्था का वातावरण बनता है, तो इसका प्रभाव केवल किसी एक अदालत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक तंत्र की विश्वसनीयता प्रभावित हो...
“जीवन में एक लक्ष्य तय करें और प्रतिदिन उसकी ओर कदम बढ़ाएं”
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“जीवन में एक लक्ष्य तय करें और प्रतिदिन उसकी ओर कदम बढ़ाएं”

विशेष साक्षात्कार मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) से सम्मानित प्रोफेसर से विशेष बातचीत प्रश्न: सर्वप्रथम आपको मानद डॉक्टरेट की प्रतिष्ठित उपाधि प्राप्त होने पर हार्दिक बधाई। जब आपको इस सम्मान की जानकारी मिली, तब आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी? उत्तर: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करके मुझे अत्यंत प्रसन्नता और गर्व का अनुभव हुआ। प्रश्न: आपके विचार में यह सम्मान आपके शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान को किस प्रकार प्रतिबिंबित करता है? उत्तर: मुझे ऐसा महसूस हुआ कि वर्षों की मेरी मेहनत और समर्पण को इस सम्मान के माध्यम से उचित पहचान और सम्मान मिला है। प्रश्न: इस उपलब्धि का श्रेय आप किसे देना चाहेंगे? उत्तर: मैं इस उपलब्धि का श्रेय उन सभी लोगों को देना चाहता हूँ जिन्होंने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मेरी इस यात्रा में मेरा सहयोग और मार्गदर्शन किया। ...
1985 का ₹50 और आज की अर्थव्यवस्था: बदलती क्रय शक्ति की दिलचस्प कहानी
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1985 का ₹50 और आज की अर्थव्यवस्था: बदलती क्रय शक्ति की दिलचस्प कहानी

विशेष आर्थिक विश्लेषण भारत की अर्थव्यवस्था ने पिछले चार दशकों में अभूतपूर्व परिवर्तन देखे हैं। वर्ष 1985 का भारत और आज का भारत केवल तकनीक, बुनियादी ढांचे और विकास के मामले में ही अलग नहीं है, बल्कि रुपये की क्रय शक्ति (Purchasing Power) में भी भारी बदलाव आया है। आज सोशल मीडिया पर अक्सर एक पोस्ट वायरल होती है जिसमें दावा किया जाता है कि 1985 का ₹50 आज लगभग ₹1500 से ₹2000 के बराबर मूल्य रखता है। भले ही यह आंकड़ा अलग-अलग आर्थिक मानकों के अनुसार बदल सकता है, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि उस समय ₹50 की उपयोगिता आज की तुलना में कहीं अधिक थी। जब ₹50 भी बड़ी रकम हुआ करती थी वर्ष 1985 में ₹50 एक सामान्य परिवार के लिए काफी महत्वपूर्ण राशि मानी जाती थी। उस दौर में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें अपेक्षाकृत कम थीं और सीमित आय में भी परिवार अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर लेते थे। उस समय किर...
न्यूज़ीलैंड दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर उठा सवाल, विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
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न्यूज़ीलैंड दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर उठा सवाल, विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब

नई दिल्ली/ऑकलैंड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक न्यूज़ीलैंड यात्रा के दौरान एक बार फिर उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने का मुद्दा चर्चा में आ गया। विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में एक पत्रकार ने पूछा कि प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूज़ीलैंड के पत्रकारों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं की। इस प्रश्न के जवाब में विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने मुस्कुराते हुए कहा, "Déjà vu" (यानी ऐसा लगता है कि यह सवाल पहले भी कई बार पूछा जा चुका है)। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद करने का अपना अलग तरीका है और वे विभिन्न मंचों के माध्यम से लगातार जनता से जुड़े रहते हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी जनसभाओं, सामुदायिक कार्यक्रमों, डिजिटल माध्यमों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के जरिए देश-विदेश के लोगों से नियमित संवाद करते हैं। मंत्रालय ने संके...