Tuesday, August 11

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जंतर-मंतर पहुंचे मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल, CJP के प्रदर्शन को दिया समर्थन
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जंतर-मंतर पहुंचे मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल, CJP के प्रदर्शन को दिया समर्थन

नई दिल्ली, 22 जुलाई (सद्वार्ता)। मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल बुधवार को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पहुंचे, जहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन में शामिल होकर आंदोलनकारियों का समर्थन किया। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने के बाद मनोज जरांगे पाटिल ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनकी मांगों पर चर्चा की। उनके पहुंचने से प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। बताया जा रहा है कि जंतर-मंतर पर विभिन्न सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन जारी है, जिसमें अलग-अलग संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी हो रही है। इसी क्रम में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त की। मनोज जरांगे पाटिल लंबे समय से मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने की मांग ...
छात्रों का राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है कांग्रेस : धर्मेंद्र प्रधान
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छात्रों का राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है कांग्रेस : धर्मेंद्र प्रधान

नई दिल्ली। (सद्वार्ता) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर छात्रों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस जानबूझकर छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर हंगामा करने की कोशिश कर रही है। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी अपने बयान में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस छात्रों का "राजनीतिक हथियार" के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कांग्रेस का उद्देश्य संसद की कार्यवाही को बाधित करना और राजनीतिक माहौल को गर्माना है। प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया, जिससे आम लोगों को असुविधा हुई और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े निर्धारित प्रोटोकॉल की भी अनदेखी की गई। ...
छात्रों के मुद्दे पर सरकार को राहुल गांधी की चुनौती, संसद में चर्चा की मांग; 2029 की सियासत में युवाओं पर विपक्ष की नजर?
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छात्रों के मुद्दे पर सरकार को राहुल गांधी की चुनौती, संसद में चर्चा की मांग; 2029 की सियासत में युवाओं पर विपक्ष की नजर?

नई दिल्ली, 22 जुलाई (सद्वार्ता)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर छात्रों के मुद्दे से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों के हितों के प्रति गंभीर है, तो उसे बुधवार को ही संसद के दोनों सदनों में इस विषय पर विस्तृत चर्चा करानी चाहिए। प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने और बाद में रिहा होने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने मंगलवार सुबह लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने का आग्रह किया था। उनके अनुसार, अध्यक्ष ने कहा कि इसके लिए सरकार की अनुमति आवश्यक होगी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इससे स्पष्ट है कि सरकार इस विषय पर चर्चा नहीं चाहती। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दे करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़े हैं। ऐसे में सरकार को इन वि...
राहुल गांधी की हिरासत से गरमाई सियासत: देशभर में कांग्रेस का विरोध, मध्यप्रदेश विधानसभा से जंतर-मंतर तक गूंजा मुद्दा
Madhya Pradesh, Natioanal, Politics, State

राहुल गांधी की हिरासत से गरमाई सियासत: देशभर में कांग्रेस का विरोध, मध्यप्रदेश विधानसभा से जंतर-मंतर तक गूंजा मुद्दा

नई दिल्ली/भोपाल। (सद्वार्ता) कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया। करीब तीन घंटे की हिरासत के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित सभी विपक्षी नेताओं को रिहा कर दिया गया, लेकिन इस कार्रवाई ने कांग्रेस और विपक्ष को सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने का अवसर दे दिया। राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किए। कई राज्यों में पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया। विपक्ष का कहना है कि छात्रों की मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतंत्र का मूल अधिकार है और इस पर पुलिस कार्रवाई अस्वीकार्य है। मध्यप्रदेश विधानसभा में भी दिखा...
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू, लेकिन मंजिल सिर्फ रेलवे नहीं बल्कि भविष्य की ऊर्जा क्रांति
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भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू, लेकिन मंजिल सिर्फ रेलवे नहीं बल्कि भविष्य की ऊर्जा क्रांति

नई दिल्ली। (सद्वार्ता) भारत ने परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक नया कदम बढ़ाते हुए अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू कर दी है। हरियाणा के जींद–सोनीपत रेलखंड (करीब 90 किलोमीटर) पर शुरू हुई यह ट्रेन केवल एक नई रेल सेवा नहीं, बल्कि भारत के ग्रीन हाइड्रोजन मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयोग मानी जा रही है। पहली नजर में यह सवाल उठता है कि जब भारतीय रेलवे का लगभग पूरा ब्रॉडगेज नेटवर्क पहले ही विद्युतीकृत हो चुका है, तो फिर हाइड्रोजन ट्रेन की जरूरत क्यों पड़ी? इसका जवाब केवल डीजल को हटाना नहीं है, बल्कि भारत में हाइड्रोजन तकनीक का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। कैसे काम करती है हाइड्रोजन ट्रेन? हाइड्रोजन ट्रेन में डीजल इंजन का इस्तेमाल नहीं होता। इसके ऊपर लगे विशेष टैंकों में हाइड्रोजन गैस भरी जाती है। यह हाइड्रोजन फ्यूल सेल में हवा की ऑक्सीजन के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया करती ...
चेंजिंग रूम में हिडन कैमरे
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चेंजिंग रूम में हिडन कैमरे

(तकनीक के दुरुपयोग पर कठोर रोक की ज़रूरत)  - डॉ. प्रियंका सौरभ (By Dr. Priyanka Saurabh) (सद्वार्ता) हर सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने नागरिकों की गरिमा, निजता और सुरक्षा को कितना महत्व देता है। विशेषकर महिलाओं की निजता की रक्षा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल दायित्व है। लेकिन जब ऐसे स्थान, जहाँ व्यक्ति स्वयं को सबसे अधिक सुरक्षित समझता है—जैसे चेंजिंग रूम, ट्रायल रूम, फोटो स्टूडियो, जिम, ब्यूटी पार्लर या होटल—वहीं उसकी निजता पर हमला होने लगे, तब यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं रहती, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी बन जाती है। हिसार के निरंकारी रोड स्थित एक फोटो स्टूडियो के चेंजिंग रूम में कथित रूप से हिडन कैमरा मिलने की घटना ने हर संवेदनशील नागरिक को झकझोर दिया है। जानकारी के अनुसार, फोटो शूट के लिए पहुँची एक युवती ने चेंजिंग रूम में कपड़े बदलते समय दीवार...
मानसून और संसद का मानसून सत्र दोनों रहें सक्रिय, तभी होगा देश का कल्याण : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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मानसून और संसद का मानसून सत्र दोनों रहें सक्रिय, तभी होगा देश का कल्याण : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली, 20 जुलाई। (सद्वार्ता) संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए आशा व्यक्त की कि जिस प्रकार देश में मानसून सक्रिय है, उसी तरह संसद का मानसून सत्र भी सक्रिय, सार्थक और जनहितकारी साबित हो। उन्होंने कहा कि जब मानसून और संसद दोनों उत्पादक होते हैं, तभी देश का समग्र विकास और जनकल्याण सुनिश्चित होता है। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हम प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी सक्रिय रहे और संसद का मानसून सत्र भी पूरी तरह उत्पादक रहे। जब दोनों प्रोडक्टिव होते हैं, तो देश का कल्याण होता है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने के दौरान भारत ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अंतरिक्ष क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है। उन्होंने कहा कि देश लगातार नई ऊंचाइयों...
सरकारी स्कूलों में छात्राओं के शौचालयों की कमी पर उठा सवाल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
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सरकारी स्कूलों में छात्राओं के शौचालयों की कमी पर उठा सवाल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

नई दिल्ली। सरकारी विद्यालयों में छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो और पोस्ट के माध्यम से मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा द्वारा सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए पोस्ट में दावा किया गया है कि नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार देश के लगभग 98,000 सरकारी विद्यालयों में छात्राओं के लिए शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। इस दावे के आधार पर शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। पोस्ट में कहा गया है कि यदि यह स्थिति सही है, तो यह केवल शिक्षा व्यवस्था ही नहीं बल्कि छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है, जिस पर सभी सरकारों को प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देना चाहिए। इस बीच सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्...
GeM ने हितधारकों से मांगा फीडबैक, देशव्यापी प्रभाव मूल्यांकन सर्वेक्षण शुरू
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GeM ने हितधारकों से मांगा फीडबैक, देशव्यापी प्रभाव मूल्यांकन सर्वेक्षण शुरू

नई दिल्ली। सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने अपने खरीदारों और विक्रेताओं से प्लेटफॉर्म के उपयोग, प्रभाव, लागत बचत और उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर ढंग से समझने के उद्देश्य से देशव्यापी प्रभाव मूल्यांकन (Impact Assessment) सर्वेक्षण शुरू किया है। इस पहल के तहत GeM ने सर्वेक्षण के संचालन के लिए एक्सिस माय इंडिया के साथ साझेदारी की है। सर्वे के माध्यम से हितधारकों से प्राप्त सुझावों और अनुभवों के आधार पर प्लेटफॉर्म की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और उपयोग में सरलता को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। GeM के अनुसार, इस सर्वेक्षण का उद्देश्य सार्वजनिक खरीद प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपयोगकर्ता-केंद्रित बनाना है। साथ ही, प्रक्रियाओं में सुधार और हितधारकों की आवश्यकताओं के अनुरूप नई पहलें विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सर्वेक्षण प्रक्रिया के तहत एक्सिस माय इंडिया के ...
सड़क दुर्घटनाएँ: व्यक्तिगत लापरवाही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुशासन की चुनौती
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सड़क दुर्घटनाएँ: व्यक्तिगत लापरवाही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुशासन की चुनौती

- डॉ. सत्यवान सौरभ भारत आज विश्व में सड़क दुर्घटनाओं से सर्वाधिक प्रभावित देशों में शामिल है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2024 में लगभग 1.77 लाख लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई। यह संख्या किसी प्राकृतिक आपदा या महामारी से कम नहीं है। प्रत्येक दिन सैकड़ों परिवार अपने किसी प्रियजन को खो देते हैं, हजारों लोग स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाते हैं और देश को उत्पादक मानव संसाधन तथा अरबों रुपये की आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। इसलिए सड़क दुर्घटनाओं को केवल चालक की लापरवाही, तेज गति या यातायात नियमों के उल्लंघन तक सीमित करके देखना वास्तविक समस्या से आँखें मूँदने जैसा है। यह वस्तुतः सार्वजनिक स्वास्थ्य, सड़क अवसंरचना, कानून प्रवर्तन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं तथा प्रशासनिक समन्वय की व्यापक विफलता का परिणाम है। सड़क सुरक्षा का प्रश्न सीधे नागरिकों के जीवन के अधिकार से ...