संघ के भरोसे न रहें, जाति-बिरादरी में चर्चा कर बड़े हिंदू समाज के लिए काम करें: मोहन भागवत
गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा है कि आज समाज में संघ से अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन समाज को स्वयं भी आगे बढ़कर कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल संघ के भरोसे रहना उचित नहीं है, बल्कि अपनी जाति-बिरादरी के बीच संवाद स्थापित कर बड़े हिंदू समाज के हित में कार्य करना आवश्यक है।
डॉ. मोहन भागवत रविवार को गोरखपुर में संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान विभिन्न जातियों, समाजों और संगठनों के प्रतिनिधि एवं प्रमुख उपस्थित रहे।
भारत संबंधों को सौदा नहीं, अपनापन मानता है
सरसंघचालक ने कहा कि दुनिया के कई देशों में यह धारणा है कि मनुष्य से मनुष्य का संबंध केवल एक सौदे जैसा होता है, लेकिन भारत की सोच इससे अलग है। यहां रिश्ते स्वार्थ पर नहीं, अपनेपन पर आधारित होते हैं। उन्होंने कह...










