Saturday, January 24

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डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 90.56 तक फिसला—क्या भारत-अमेरिका व्यापार समझौता बनेगा आखिरी सहारा?
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डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 90.56 तक फिसला—क्या भारत-अमेरिका व्यापार समझौता बनेगा आखिरी सहारा?

नई दिल्ली। भारतीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को हड़कंप मच गया, जब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कारोबारी सत्र के दौरान रुपया 90.56 प्रति डॉलर तक फिसला, जो अब तक का रिकॉर्ड इंट्रा-डे लो है। दिन के अंत में यह 17 पैसे की गिरावट के साथ 90.49 पर बंद हुआ। इस गिरावट के पीछे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली को बड़ी वजह माना जा रहा है। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली ने रुपये पर दबाव और बढ़ा दिया है। दिसंबर महीने में अब तक एफपीआई भारतीय बाजारों से 17,955 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में कुल निकासी का आंकड़ा 1.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। निवेशकों का यह रुख रुपये की कमजोरी को और गहरा कर रहा है। डॉलर कमजोर, फिर भी रु...
धरा रह गया ट्रंप का टैरिफ, चीन ने मचाया तहलका – भारत के लिए बड़ी सीखनई दिल्ली: दिल प्रकाश
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धरा रह गया ट्रंप का टैरिफ, चीन ने मचाया तहलका – भारत के लिए बड़ी सीखनई दिल्ली: दिल प्रकाश

चीन और भारत कभी एक ही पिच पर थे, लेकिन 1990 के बाद चीन ने जिस रफ्तार से विकास किया, उसकी दुनिया में कोई तुलना नहीं। आज चीन की अर्थव्यवस्था भारत से लगभग चार गुना बड़ी है और प्रति व्यक्ति आय भी कई गुना अधिक है। चीन अब दुनिया के 80 देशों का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बन चुका है। चीन का चौंकाने वाला ट्रेड सरप्लस2025 में चीन का ट्रेड सरप्लस पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया। इस साल के पहले 11 महीनों में चीन ने 3.4 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात किया जबकि आयात सिर्फ 2.3 ट्रिलियन डॉलर रहा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारी टैरिफ लगाए, लेकिन चीन ने अमेरिका पर निर्भरता कम कर दूसरे बाजारों में निर्यात बढ़ाकर अपना दबदबा बनाए रखा। ऑटो और हाई-टेक में दबदबाचीन की ऑटो कंपनियों ने इलेक्ट्रिक वाहनों में पूरी दुनिया में प्रभुत्व स्थापित किया। जर्मनी और जापान के बाजारों पर उसने कब्जा कर लिय...
एयरटेल, ICICI Bank ने निवेशकों को मालामाल किया, वोडाफोन और राजेश एक्सपोर्ट्स ने लगाया बड़ा झटकानई दिल्ली: दिल प्रकाश
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एयरटेल, ICICI Bank ने निवेशकों को मालामाल किया, वोडाफोन और राजेश एक्सपोर्ट्स ने लगाया बड़ा झटकानई दिल्ली: दिल प्रकाश

पिछले पांच साल यानी 2020 से 2025 के बीच शेयर बाजार ने निवेशकों को सुख-दुःख दोनों ही अनुभव दिए। मोतीलाल ओसवाल की हालिया स्टडी के अनुसार, यह पांच साल तीन दशक में सबसे तेजी से पैसा बनाने वाला दौर रहा। इस दौरान देश की टॉप 100 वेल्थ क्रिएटर्स कंपनियों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए। इन कंपनियों का सालाना चक्रवृद्धि विकास दर (CAGR) 38% रही, जबकि सेंसेक्स का CAGR केवल 21% रहा। सबसे ज्यादा पैसा बनाने वाले शेयरवेल्थ क्रिएशन में भारती एयरटेल सबसे आगे रही। पांच साल में इसने अपने बाजार मूल्य में 7.9 लाख करोड़ रुपये जोड़े। इसके बाद ICICI बैंक का नंबर है, जिसकी मार्केट वैल्यू 5 साल में 7.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ी। वहीं, BSE ने सालाना 124% रिटर्न देकर निवेशकों को सबसे तेज़ लाभ दिलाया। ऑल राउंड परफॉर्मर में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स ने 75% CAGR के साथ शानदार रिटर्न दिया। सबसे ज्यादा नुकसान करने वाले ...
पोस्ट ऑफिस से अब गांव-गांव में म्यूचुअल फंड में निवेश का अवसरनई दिल्ली: शिशिर चौरसिया
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पोस्ट ऑफिस से अब गांव-गांव में म्यूचुअल फंड में निवेश का अवसरनई दिल्ली: शिशिर चौरसिया

अब गांव और छोटे शहरों के लोग भी म्यूचुअल फंड में आसानी से निवेश कर पाएंगे। बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और डाक विभाग के बीच हुए हालिया समझौते के तहत इंडिया पोस्ट के व्यापक नेटवर्क के जरिए म्यूचुअल फंड उत्पाद आम जनता तक पहुंचेंगे। आम तौर पर म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार का लाभ शहरी निवेशक ही उठाते रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता और निवेश सुविधा की कमी के कारण लोगों की भागीदारी कम रही। अब यह स्थिति बदलने जा रही है। बीएसई का StAR MF प्लेटफॉर्म देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन म्यूचुअल फंड वितरण इकोसिस्टम है। यह प्लेटफॉर्म एक्सचेंज-आधारित ट्रांजैक्शन का 85% संभालता है और हर महीने 7 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन करता है। डाक विभाग के 1.64 लाख से अधिक डाकघर देशभर में ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों तक निवेश की जानकारी और सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। समझौते के तहत कुछ चुने हुए डाक विभाग के...
चुपचाप घट रही अमीर-गरीब की खाई पिछले 10 साल में गरीबों की जिंदगी में सुधार, बाइक, फ्रिज और मोबाइल ने बदली तस्वीर
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चुपचाप घट रही अमीर-गरीब की खाई पिछले 10 साल में गरीबों की जिंदगी में सुधार, बाइक, फ्रिज और मोबाइल ने बदली तस्वीर

नई दिल्ली: हाल की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अभी भी 1% अमीरों के पास देश की कुल संपत्ति का 40% हिस्सा है। लेकिन पिछले 10 साल में कुछ खास चीजों के मामले में अमीर और गरीब के बीच की खाई तेजी से कम हुई है। वाहन और मोबाइल:लगभग 10 साल पहले, ग्रामीण गरीब परिवारों में से केवल दस में से एक के पास बाइक या कार थी। अब लगभग आधे परिवारों के पास ये वाहन हैं। शहरों में यह आंकड़ा और भी ज्यादा है। टॉप 20% और बॉटम 40% परिवारों के वाहन होने की दर से साफ पता चलता है कि अमीर और गरीब के बीच अंतर कम हो रहा है।मोबाइल फोन के मामले में तो स्थिति और भी बेहतर है। लगभग हर ग्रामीण और शहरी परिवार के पास मोबाइल है। कई राज्यों में यह संख्या 95 से 98% तक पहुंच गई है। फ्रिज और टीवी:पहले लग्जरी माने जाने वाले फ्रिज अब गरीब परिवारों के लिए जरूरी आइटम बन गए हैं। हालांकि झारखंड, बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, असम और छत्तीसगढ़...
Multibagger Stock: लोअर सर्किट से अपर सर्किट तक, ए-1 लिमिटेड ने दिखाया कमाल कॉन्सेंट्रेटेड नाइट्रिक एसिड की सप्लाई समझौते की खबर से शेयर में 10% की छलांग
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Multibagger Stock: लोअर सर्किट से अपर सर्किट तक, ए-1 लिमिटेड ने दिखाया कमाल कॉन्सेंट्रेटेड नाइट्रिक एसिड की सप्लाई समझौते की खबर से शेयर में 10% की छलांग

मुंबई: गुजरात के अहमदाबाद हेडक्वार्टर वाली केमिकल ट्रेडिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनी ए-1 लिमिटेड (BSE - 542012) ने शुक्रवार को शेयर बाजार में तहलका मचा दिया। बीते 28 नवंबर से लगातार लोअर सर्किट में फंसे इस कंपनी के शेयर शुक्रवार को अपर सर्किट में पहुंच गए। क्या है खबर:ए-1 लिमिटेड ने शेयर बाजार को सूचित किया कि उसने 10,000 टन कॉन्सेंट्रेटेड नाइट्रिक एसिड की आपूर्ति के लिए जीएनएफसी और सोलर इंडस्ट्रीज के साथ ट्राई पार्टी सप्लाई एग्रीमेंट किया है। यह दीर्घकालिक समझौता नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक इंडस्ट्रियल यूज के लिए 10,000 टन एसिड की आपूर्ति सुनिश्चित करता है। समझौते में आपसी सहमति से अतिरिक्त मात्रा का प्रावधान भी है। शेयर की उड़ान:गुरुवार को ए-1 लिमिटेड का शेयर लोअर सर्किट में 1,686.55 रुपये पर खुला था। लेकिन नए एग्रीमेंट की खबर आते ही शेयर ने 177.5 रुपये की छलांग लगाकर 1,864.05 रुपये पर ...
अमेरिका की हेकड़ी निकली बाहर! सांसदों ने भारत पर टैरिफ हटाने की मांग की, संसद में पेश किया प्रस्ताव
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अमेरिका की हेकड़ी निकली बाहर! सांसदों ने भारत पर टैरिफ हटाने की मांग की, संसद में पेश किया प्रस्ताव

नई दिल्ली: अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने के लिए अतिरिक्त 25% सेकेंडरी टैरिफ शामिल है। इस नीति के चलते अमेरिका में महंगाई बढ़ रही है और अब वहां के सांसदों ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को खत्म करने की मांग की है। कौन पेश कर रहा प्रस्ताव:अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्य डेबोरा रॉस, मार्क वीसी और राजा कृष्णमूर्ति ने 27 अगस्त 2025 को भारत पर लगाए गए सेकेंडरी टैरिफ को चुनौती देते हुए नया प्रस्ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव इंटरनेशनल इमरजेंसी इकनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत पेश किया गया है। सांसदों की चिंता:सांसदों का कहना है कि टैरिफ के कारण भारत से आयात महंगा हो गया है, जिसका असर अमेरिकी कंपनियों और आम खरीदारों पर पड़ रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आपातकालीन शक्तियों के उपयोग पर भी चिंता जताई, जिससे आर्थिक साझेदारियों और विधायी निगरानी कमजोर ह...
इंडिगो संकट का फायदा उठाने की तैयारी में टाटा ग्रुप
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इंडिगो संकट का फायदा उठाने की तैयारी में टाटा ग्रुप

एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों में बढ़ी चिंता, सैलरी और उड़ान घंटे बन सकते हैं मुद्दा नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले कुछ समय से संकट में है। हाल ही में हजारों उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी हुई। इस मौके का फायदा उठाने की तैयारी में एयर इंडिया ग्रुप है, लेकिन इसे पायलटों का विरोध भी झेलना पड़ रहा है। टाटा समूह की लो-कॉस्ट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस ने हाल ही में एयरबस A320 के अनुभवी कैप्टनों के लिए भर्ती विज्ञापन निकाला है। इस कदम से एयर इंडिया एक्सप्रेस के वर्तमान पायलटों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि नए पायलटों के आने से उनकी उड़ानों के घंटे कम होंगे और सैलरी पर भी असर पड़ेगा। पायलटों की नाराजगी:करीब 100 पायलटों ने मैनेजमेंट को चिट्ठी लिखकर इस भर्ती का विरोध किया है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के A320 पायलटों का कहना है कि पिछले एक साल से लगा...
बीमा सस्ता और बेहतर, रोजगार के नए अवसर
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बीमा सस्ता और बेहतर, रोजगार के नए अवसर

बीमा क्षेत्र में 100% FDI का रास्ता साफ, ग्राहकों और कंपनियों दोनों को मिलेगा फायदा नई दिल्ली: देश के हर कोने तक बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी निवेश की सीमा 100% तक बढ़ाने वाला बिल मंजूर कर दिया। यह बिल इसी शीतकालीन सत्र में संसद में पेश किया जा सकता है। मकसद:इस कदम का मुख्य उद्देश्य बीमा सेवाओं की पहुंच बढ़ाना, सेक्टर की ग्रोथ को तेज करना और कंपनियों के लिए कामकाज को आसान बनाना है। ग्राहकों को फायदा:बदलाव से पॉलिसी होल्डर्स को अधिक सुरक्षा और विकल्प मिलेंगे। नए प्रोडक्ट्स, बेहतर कीमतें और उत्कृष्ट सेवा सुनिश्चित होगी। ग्रांट थॉर्नटन इंडिया के पार्टनर नरेंद्र गणपुले के अनुसार, यह निर्णय ग्राहकों के हित को ध्यान में रखकर लिया गया है। कंपनियों को लाभ:LIC एक्ट में संशोधन से बोर्ड को ज्यादा स्वत...
विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़त, सोने के भरोसे थमी लगातार दो सप्ताह की गिरावट
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विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़त, सोने के भरोसे थमी लगातार दो सप्ताह की गिरावट

मुंबई: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दो सप्ताह तक गिरावट के दौर से गुजर रहा था, लेकिन 05 दिसंबर 2025 को समाप्त सप्ताह के आंकड़ों में राहत मिली। इस दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में $1.03 बिलियन की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो मुख्य रूप से सोने के भंडार में वृद्धि के कारण हुई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, पांच दिसंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ कर $687.260 बिलियन तक पहुंच गया। इससे पहले 27 सितंबर 2024 को यह भंडार $704.885 बिलियन के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर था। फॉरेन करेंसी असेट्स में गिरावटहालांकि विदेशी मुद्रा भंडार में कुल बढ़ोतरी हुई, लेकिन Foreign Currency Assets (FCAs) में कमी देखी गई। पांच दिसंबर को समाप्त सप्ताह में FCA में $151 मिलियन की गिरावट हुई। इससे पहले लगातार दो सप्ताह में FCA में $1.877 बिलियन और $4.472 बिलियन की गिरावट दर्ज की गई थी। वर्तमान में FCA भ...