Saturday, January 24

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डॉलर के मुकाबले रुपया 91 के पार सरकार की चुप्पी पर सवाल, रणनीति या मजबूरी?
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डॉलर के मुकाबले रुपया 91 के पार सरकार की चुप्पी पर सवाल, रणनीति या मजबूरी?

नई दिल्ली।भारतीय मुद्रा बाजार में मंगलवार को एक ऐतिहासिक मोड़ देखने को मिला, जब रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91 के स्तर को पार कर गया। रुपये की इस तेज गिरावट ने न केवल निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस गिरावट को थामने के लिए सक्रिय दखल क्यों नहीं दे रहे हैं। क्या यह एक सोची-समझी आर्थिक रणनीति है या फिर वैश्विक दबावों के आगे मजबूरी? क्यों फिसला रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर परविशेषज्ञों के मुताबिक, रुपये की कमजोरी के पीछे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली प्रमुख कारण हैं। विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार से पूंजी निकालने से डॉलर की मांग बढ़ी, जिससे रुपये पर दबाव गहराता चला गया।एचडीएफसी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार का कहना है कि बेहतर व्यापा...
15 घंटे की मेहनत, 112 किलोमीटर की दौड़ और जेब में सिर्फ 763 रुपये गिग इकोनॉमी का कड़वा सच, संसद तक पहुंची आवाज
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15 घंटे की मेहनत, 112 किलोमीटर की दौड़ और जेब में सिर्फ 763 रुपये गिग इकोनॉमी का कड़वा सच, संसद तक पहुंची आवाज

नई दिल्ली।देश में तेजी से बढ़ती ‘गिग इकोनॉमी’ के चमकदार दावों के पीछे छिपा कड़वा सच अब सामने आने लगा है। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स के शोषण को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने एक डिलीवरी एजेंट का उदाहरण साझा करते हुए बताया कि कैसे 15 घंटे की कड़ी मेहनत और दिनभर की दौड़ के बाद भी एक वर्कर को महज 762 रुपये की कमाई होती है। राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यह गिग इकोनॉमी की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि ऐप्स और एल्गोरिदम के पीछे छिपा हुआ प्रणालीगत शोषण है।” उन्होंने कहा कि भारत कम वेतन, अत्यधिक काम के बोझ और असुरक्षित रोजगार के सहारे डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण नहीं कर सकता। 15 घंटे काम, प्रति घंटा कमाई सिर्फ 52 रुपयेसांसद द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट के अनुसार, ब्लिंकिट के एक डिलीवरी एजेंट ने 14 घंटे 39 मिनट तक काम कर 28 ऑर्ड...
लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स–निफ्टी में बड़ी गिरावट रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला, निवेशकों में चिंता
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लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स–निफ्टी में बड़ी गिरावट रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला, निवेशकों में चिंता

मुंबई।भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भी बिकवाली का दबाव बना रहा। सप्ताह के लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार में मंदड़ियों का दबदबा देखने को मिला। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी, रुपये की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर तक लुढ़क गया। बीएसई सेंसेक्स 533 अंक यानी 0.63 प्रतिशत टूटकर 84,679.86 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 167 अंक यानी 0.64 प्रतिशत गिरकर 25,860.10 अंक पर आ गया। बाजार की इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बैंकिंग और आईटी शेयरों पर सबसे ज्यादा मारसेंसेक्स के 30 में से अधिकांश शेयर लाल निशान में बंद हुए। एक्सिस बैंक, इटर्नल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा स्टील और बजाज फिनसर्व में 2 से 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। एक्सिस बैंक के शेयरों में करीब 5 प...
ग्रेटर नोएडा वेस्ट बना लग्जरी हाउसिंग का नया केंद्र ऐशटेक ग्रुप ने ‘द प्रेजिडेंशियल टॉवर्स’ का किया भूमिपूजन, फ्लैट की कीमत ₹2.51 करोड़ से शुरू
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट बना लग्जरी हाउसिंग का नया केंद्र ऐशटेक ग्रुप ने ‘द प्रेजिडेंशियल टॉवर्स’ का किया भूमिपूजन, फ्लैट की कीमत ₹2.51 करोड़ से शुरू

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी रियल एस्टेट का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले जहां गुरुग्राम इस सेगमेंट का केंद्र माना जाता था, वहीं अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) भी हाई-एंड हाउसिंग का नया हब बनता जा रहा है। इसी कड़ी में ऐशटेक ग्रुप ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-12 में अपने प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट ‘द प्रेजिडेंशियल टॉवर्स’ का विधिवत भूमिपूजन कर दिया है। ₹2.51 करोड़ से शुरू होंगी लग्जरी फ्लैट की कीमतेंकंपनी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में 3 और 4 बीएचके के अल्ट्रा-लग्जरी अपार्टमेंट्स बनाए जाएंगे। फ्लैट की शुरुआती कीमत ₹2.51 करोड़ रखी गई है। इससे पहले गोदरेज ग्रुप जैसे बड़े डेवलपर भी इसी इलाके में लग्जरी प्रोजेक्ट लॉन्च कर चुके हैं, जिससे साफ है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट अब प्रीमियम खरीदारों की पसंद बनता जा रहा है। कौन है डेवलपर ऐशटेक ग्रुप...
चांदी में रिकॉर्ड छलांग, ₹6000 से ज्यादा उछाल ने बढ़ाई हलचल तेजी के पीछे मजबूत कारण, लेकिन एक्सपर्ट कर रहे सावधान
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चांदी में रिकॉर्ड छलांग, ₹6000 से ज्यादा उछाल ने बढ़ाई हलचल तेजी के पीछे मजबूत कारण, लेकिन एक्सपर्ट कर रहे सावधान

नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में सोमवार को एक बार फिर जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली। चांदी ने निवेशकों को चौंकाते हुए तेज छलांग लगाई और सोना भी मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। हालांकि, जहां एक ओर रिकॉर्ड तेजी ने उत्साह बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर एक्सपर्ट आने वाले दिनों में गिरावट की आशंका भी जता रहे हैं। चांदी ₹6000 से ज्यादा उछलीएमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी सोमवार को ₹6000 से अधिक उछल गई। दोपहर करीब 3 बजे यह 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ 1.99 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले पिछले हफ्ते चांदी ने पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया था। हालांकि, इसके बाद मुनाफावसूली के चलते कीमतों में कुछ नरमी भी देखने को मिली थी। सोना भी तेजी में शामिलसोने की कीमतों में भी मजबूती बनी रही। एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना सोमवार दोपहर क...
मल्टीबैगर स्टॉक की फिर चमक, एलीटकॉन इंटरनेशनल अपर सर्किट में फंसा
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मल्टीबैगर स्टॉक की फिर चमक, एलीटकॉन इंटरनेशनल अपर सर्किट में फंसा

नई दिल्ली। कमजोर शुरुआत के बावजूद शेयर बाजार में सोमवार को कुछ स्टॉक्स ने निवेशकों को चौंका दिया। इनमें एलीटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड का नाम सबसे आगे रहा, जो एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कारोबार शुरू होने के कुछ ही देर बाद इस शेयर में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लग गया और दोपहर 2 बजे तक यह 114.84 रुपये पर ट्रेड करता नजर आया। बीते 5 कारोबारी सत्रों में शेयर 20 प्रतिशत से अधिक चढ़ चुका है, जबकि लगातार 6 दिनों से इसमें अपर सर्किट लग रहा है। 883 करोड़ रुपये के बड़े एक्सपोर्ट ऑर्डर से उछालएलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयर में आई इस तेजी के पीछे कंपनी को मिला एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की कंपनी यूवी इंटरनेशनल ट्रेड FZE ने एलीटकॉन को करीब 883 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट ऑर्डर दिया है। इस समझौते के तहत कंपनी सिगरेट, प्रीमिक्स शीशा, हुक्का तंबाकू, स्मोकिंग मिक्सचर और तंबाकू से जुड़...
FIIs ने हर घंटे बेचे ₹152 करोड़ के शेयर, घरेलू निवेशकों ने थामा बाज़ार
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FIIs ने हर घंटे बेचे ₹152 करोड़ के शेयर, घरेलू निवेशकों ने थामा बाज़ार

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली इस साल चर्चा का विषय रही है। 2025 में FIIs हर ट्रेडिंग घंटे में करीब ₹152 करोड़ के शेयर बेच चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूती बनाए रखी। इसका कारण घरेलू निवेशकों का लगातार बाजार में निवेश करना है। FIIs की बिकवाली का आंकड़ा साल 2025 में FIIs ने 2.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के शेयर सेकेंडरी मार्केट में बेचे। इसे ट्रेडिंग दिनों में बांटा जाए, तो हर दिन लगभग ₹900 करोड़ की बिकवाली हुई। दिसंबर में अब तक FIIs ने लगभग 15,959 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू निवेशकों ने बाजार को संभाला इसी अवधि में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगभग 39,965 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को स्थिर रखा। छोटे निवेशक और SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए लगातार निवेश ने FIIs की बिकवाली का असर...
क्रिप्टो में यूपी नंबर वन: छोटे शहरों ने मेट्रो को छोड़ा पीछे, बिटकॉइन फिर टॉप पर
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क्रिप्टो में यूपी नंबर वन: छोटे शहरों ने मेट्रो को छोड़ा पीछे, बिटकॉइन फिर टॉप पर

नई दिल्ली: भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश तेजी से बढ़ रहा है और अब यह सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। कॉइनस्विच की 2025 की रिपोर्ट बताती है कि छोटे शहर और टियर 2, 3, 4 के कस्बे अब भारत की कुल क्रिप्टो गतिविधियों का 75% से ज्यादा हिस्सा चला रहे हैं। उत्तर प्रदेश बना सबसे बड़ा क्रिप्टो राज्यउत्तर प्रदेश ने सबसे आगे निकलते हुए कुल क्रिप्टो निवेश का 13% हिस्सा हासिल किया है। यह महाराष्ट्र (12.1%) और कर्नाटक (7.9%) से भी आगे है। टियर 2 शहरों के निवेशकों का योगदान 32.2% रहा, जबकि टियर 3 और टियर 4 शहरों का 43.4% रहा। बिटकॉइन बना सबसे पसंदीदा क्रिप्टोसाल 2025 में निवेशकों की पसंद में बदलाव देखा गया। बिटकॉइन ने फिर से सबसे ऊपर जगह बनाई और इसमें निवेश का हिस्सा 8.1% रहा। यह डॉगकॉइन को पीछे छोड़ गया। वहीं, रिपल (XRP) ने सबसे ज्यादा ट्रेडिंग गतिविधियों में शीर्ष स्थान हासिल किया। निवेश...
मुकेश अंबानी की बड़ी डील: उधायम एग्रो फूड्स को खरीदकर FMCG में टाटा को टक्कर
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मुकेश अंबानी की बड़ी डील: उधायम एग्रो फूड्स को खरीदकर FMCG में टाटा को टक्कर

नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपने FMCG व्यवसाय को और मजबूत करने जा रहे हैं। उनकी कंपनी अब उधायम एग्रो फूड्स को खरीदने की तैयारी में है। इस डील के बाद रिलायंस का मुकाबला टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और अन्य प्रमुख FMCG कंपनियों से सीधे होगा। उधायम एग्रो फूड्स पर डील का असरचेन्नई की यह कंपनी लगभग 668 करोड़ रुपये की है और मसाले, स्नैक्स और रेडी-टू-ईट ब्रेकफास्ट मिक्स बनाती है। कंपनी के प्रमोटर एस. सुधाकर और एस. दिनकर अपनी छोटी हिस्सेदारी बनाए रखेंगे। इस डील के माध्यम से रिलायंस पहले क्षेत्रीय बाजारों में पकड़ बनाएगा और फिर पूरे देश में विस्तार करेगा। रिलायंस का FMCG फोकसरिलायंस ने हाल ही में अपना FMCG बिजनेस न्यू आरसीपीएल में ट्रांसफर किया है। न्यू आरसीपीएल में शामिल हैं कैम्पा सॉफ्ट ड्रिंक्स, श्योर वॉटर, स्पिनर स्पोर्ट्स ड्रिंक्स के साथ सिल जैम, लोटस चॉकलेट और एलन ...
भारत-रूस व्यापार: 300 प्रोडक्ट्स की तैयारी, ट्रंप की टेंशन बढ़ने वाली
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भारत-रूस व्यापार: 300 प्रोडक्ट्स की तैयारी, ट्रंप की टेंशन बढ़ने वाली

नई दिल्ली: भारत और रूस के बीच आर्थिक नजदीकी लगातार बढ़ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के बाद भारत ने रूस जैसे नए बाजारों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। अब भारत 300 उच्च-संभावना वाले प्रोडक्ट्स रूस को निर्यात करने की तैयारी कर रहा है। इन उत्पादों में इंजीनियरिंग सामान, दवाइयां, कृषि उत्पाद और रसायन प्रमुख हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह कदम साल 2030 तक 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। भारत का निर्यात और रूस की आयात क्षमतावर्तमान में भारत केवल 1.7 अरब डॉलर का निर्यात रूस को करता है, जबकि रूस इन श्रेणियों में कुल 37.4 अरब डॉलर का आयात करता है। यह अंतर दर्शाता है कि भारतीय निर्यातकों के लिए यहां व्यापार बढ़ाने की कितनी बड़ी संभावनाएं हैं। निर्यात बढ़ने से दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा भी कम होगा, जो ...