
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपने FMCG व्यवसाय को और मजबूत करने जा रहे हैं। उनकी कंपनी अब उधायम एग्रो फूड्स को खरीदने की तैयारी में है। इस डील के बाद रिलायंस का मुकाबला टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और अन्य प्रमुख FMCG कंपनियों से सीधे होगा।
उधायम एग्रो फूड्स पर डील का असर
चेन्नई की यह कंपनी लगभग 668 करोड़ रुपये की है और मसाले, स्नैक्स और रेडी-टू-ईट ब्रेकफास्ट मिक्स बनाती है। कंपनी के प्रमोटर एस. सुधाकर और एस. दिनकर अपनी छोटी हिस्सेदारी बनाए रखेंगे। इस डील के माध्यम से रिलायंस पहले क्षेत्रीय बाजारों में पकड़ बनाएगा और फिर पूरे देश में विस्तार करेगा।
रिलायंस का FMCG फोकस
रिलायंस ने हाल ही में अपना FMCG बिजनेस न्यू आरसीपीएल में ट्रांसफर किया है। न्यू आरसीपीएल में शामिल हैं कैम्पा सॉफ्ट ड्रिंक्स, श्योर वॉटर, स्पिनर स्पोर्ट्स ड्रिंक्स के साथ सिल जैम, लोटस चॉकलेट और एलन बगल्स चिप्स जैसे फूड ब्रांड्स। इसके अलावा वेलवेट पर्सनल केयर और तिरा ब्यूटी जैसे प्रोडक्ट्स भी इसमें शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य पैक्ड कंज्यूमर बिजनेस पर अधिक ध्यान देना है।
भारत का पैक्ड फूड मार्केट
इमारक ग्रुप के अनुसार, भारत का पैक्ड फूड मार्केट साल 2033 तक 224.8 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। साल 2025 से 2033 के बीच यह 6.5% CAGR से बढ़ेगा। साल 2024 में इसका आकार 121.3 अरब डॉलर था। इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं तेजी से शहरीकरण, सुविधा वाले भोजन की बढ़ती मांग और ऑनलाइन फूड डिलीवरी का विस्तार।
निष्कर्ष:
मुकेश अंबानी की यह डील FMCG क्षेत्र में रिलायंस की पकड़ को मजबूत करेगी और टाटा समेत अन्य कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगी। बढ़ते पैक्ड फूड मार्केट और देशभर में विस्तार की योजनाओं के चलते यह कदम निवेशकों और उद्योग दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।