
दरभंगा: बिहार सरकार ने राज्य के किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक फसलों से इतर नकदी फसलों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मखाना और गेंदा की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने विशेष योजना तैयार की है। इस पहल से न केवल किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
मखाना विकास योजना के तहत बिहार के 10 जिलों — कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा और खगड़िया — को चिन्हित किया गया है। मखाना उत्पादन में बिहार का वर्चस्व पूरी दुनिया में है और इसे और अधिक विस्तार देने के लिए सरकार ने इस योजना के लिए 14.70 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। खास बात यह है कि योजना को तेजी से लागू करने के लिए 7.68 करोड़ रुपये की राशि किसानों को समय पर सहायता के लिए जारी कर दी गई है।
सिर्फ मखाना ही नहीं, बल्कि फूलों की खेती, विशेषकर गेंदा के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। गेंदा विकास योजना के तहत 29 जिलों में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए 5.16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन 29 जिलों में अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, बक्सर, दरभंगा, गया, गोपालगंज, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, नालंदा, नवादा, पश्चिम चंपारण, पटना, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, शिवहर, सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल और वैशाली शामिल हैं।
सरकार का यह कदम पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसलों को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी में इजाफा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।