Saturday, February 7

गुस्तावो पेट्रो: हथियारबंद विद्रोही से बने कोलंबिया के राष्ट्रपति, जिनके तेवरों ने नरम किया ट्रंप का रुख

बोगोटा: कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने फरवरी की शुरुआत में अमेरिका का दौरा किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। यह मुलाकात इस लिहाज से महत्वपूर्ण थी क्योंकि ट्रंप ने एक महीने पहले कोलंबिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी और पेट्रो का वीज़ा भी रद्द कर दिया था।

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पेट्रो ने दिखाई कड़ी पकड़
3 फरवरी को व्हाइट हाउस में हुई यह बैठक पूरी दुनिया की निगाहों में रही। ट्रंप का रवैया शुरू में आक्रामक था, लेकिन पेट्रो के दृढ़ और निर्णायक तेवरों ने अमेरिकी राष्ट्रपति का रुख नरम कर दिया। 65 वर्षीय वामपंथी नेता पेट्रो ट्रंप की नीतियों के मुखर आलोचक माने जाते हैं। उन्होंने वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की तीखी आलोचना की और गाजा पर इजरायल के युद्ध को भी सार्वजनिक रूप से नकारात्मक रूप में देखा।

अमेरिका-कोलंबिया संबंधों का इतिहास
अमेरिका और कोलंबिया के संबंध 1822 से चले आ रहे हैं। स्वतंत्रता मिलने के बाद अमेरिका ने कोलंबिया की स्वतंत्रता को जल्द मान्यता दी और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती दी। हालांकि, शीत युद्ध और ड्रग्स के खिलाफ अभियानों के कारण इन संबंधों में कई बार तनाव आया।

वामपंथी राष्ट्रपति का इतिहास
पेट्रो कोलंबिया के पहले वामपंथी राष्ट्रपति हैं। 17 वर्ष की उम्र में वे एम-19 गुरिल्ला समूह में शामिल हुए, जो बाद में एम-19 डेमोक्रेटिक एलायंस के रूप में राजनीतिक दल में परिवर्तित हुआ। जेल में बिताए समय और शांति समझौते के बाद वे राजनीति में सक्रिय हुए और 1991 में प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए। 2006 में उन्हें कोलंबियाई सीनेट के लिए सबसे अधिक वोट मिले। 2011 में बोगोटा के मेयर चुने गए और 2022 में रिकॉर्ड वोटों से राष्ट्रपति बने।

ट्रंप के खिलाफ मुखर रुख
पेट्रो ने ट्रंप प्रशासन की लैटिन अमेरिका नीतियों की खुलकर आलोचना की। जनवरी 2025 में वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और अमेरिकी वीज़ा रद्द किए जाने के बाद उन्होंने अमेरिका के खिलाफ अपने तेवर स्पष्ट किए। ट्रंप की धमकी के जवाब में पेट्रो ने कहा कि वे अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए “हथियार उठाने” तक को तैयार हैं।

राजनीति में एक नई छवि
गुस्तावो पेट्रो का जीवन इस बात का प्रमाण है कि कोई भी व्यक्ति—चाहे वह एक गुरिल्ला लड़ाका रहा हो—राजनीति में उच्चतम पद तक पहुँच सकता है। उनके साहस और दृढ़ निश्चय ने उन्हें कोलंबिया के पहले वामपंथी राष्ट्रपति के रूप में इतिहास रचने का अवसर दिया।

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