
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वीरवार को 12वीं अंतरराष्ट्रीय प्लास्टइंडिया 2026 प्लास्टिक प्रदर्शनी, सम्मेलन और कन्वेंशन में भाग लेकर दिल्ली के औद्योगिक विकास का रोडमैप साझा किया। उन्होंने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया और प्लास्टिक उद्योग में नवाचार, रीसाइक्लिंग व सर्कुलर इकॉनमी से जुड़े आधुनिक समाधान देखे।
भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष रविश कामत, नेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल के चेयरमैन आलोक तिब्रेवाल, दिल्ली नगर निगम के नेता सदन प्रवेश वाही सहित 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित थे।
दिल्ली सरकार के ठोस कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को वैश्विक व्यापारिक और औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार 10 करोड़ रुपये तक का कोलेटरल-फ्री लोन उपलब्ध करा रही है, जिससे छोटे उद्यम बिना गारंटी के वित्तीय सहायता पा सकें।
नई पहल और लक्ष्य
सीएम ने बताया कि दिल्ली में 5,000 नए स्टार्टअप्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, विशेषकर प्लास्टिक उद्योग में नवाचार और सस्टेनेबल समाधानों को बढ़ावा देने के लिए। उन्होंने कहा कि ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को सरल बनाकर दिल्ली को केवल उपभोग केंद्र नहीं, बल्कि ट्रेडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्लास्टिक वेस्ट और रीसाइक्लिंग पर ध्यान
रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि प्लास्टिक वेस्ट दिल्ली के लिए बड़ी चुनौती है और इसके समाधान के लिए आधुनिक रीसाइक्लिंग तकनीकों और वेस्ट मैनेजमेंट पर मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भारत की प्लास्टिक इंडस्ट्री का आकार वर्ष 2025 में लगभग 44 अरब डॉलर था, जो 2026 में 47 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। 2030 तक यह उद्योग 64 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है और लाखों लोगों को रोजगार देगा।
सीएम ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता अभियान को याद करते हुए कहा कि जिम्मेदार विकास हमारा विज़न होना चाहिए। प्लास्टिक का सही तरीके से रीसाइक्लिंग और डिस्पोज़ल न होने पर पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ सकता है।
एमएसएमई और ‘वोकल फॉर लोकल’ में योगदान
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के दौरान प्लास्टिक उद्योग द्वारा पीपीई किट, मेडिकल सप्लाई और आवश्यक पैकेजिंग उपलब्ध कराने की सराहना की और कहा कि यह उद्योग भारत को ग्लोबल सोर्सिंग हब बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
प्लास्टइंडिया 2026 की जानकारी
प्लास्टइंडिया 2026 का आयोजन 5 फरवरी से 10 फरवरी तक भारत मंडपम में चल रहा है। इसे पहली बार जीरो वेस्ट एग्ज़िबिशन के रूप में आयोजित किया गया है, जिसमें कचरे के पुन: उपयोग और रीसाइक्लिंग पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस प्रदर्शनी में 2,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक मशीनरी, कच्चे माल, उन्नत तकनीक और सर्कुलर इकॉनमी से जुड़े समाधान पेश कर रहे हैं।