
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में नगर निगम के नए मुख्यालय के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। यह भव्य चार मंजिला भवन गोमतीनगर स्थित फन मॉल के पीछे केंद्रीय कार्यशाला परिसर में बनाया जा रहा है। नगर निगम का यह नया मुख्यालय लोकभवन की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसे लगभग 16 महीनों में 160 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। निर्माण के लिए आरआर कार्यशाला को अस्थायी रूप से अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है, जबकि परिसर में तोड़फोड़ का कार्य पहले ही प्रारंभ हो चुका है।
नगर निगम जोन-4 के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) अतुल मिश्र ने बताया कि नए मुख्यालय में नगर निगम के सभी प्रमुख विभागों के कार्यालयों के साथ-साथ आम जनता के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। भवन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि नागरिकों को विभिन्न कार्यों के लिए भटकना न पड़े और सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे मिल सकें।
ग्राउंड फ्लोर पर होंगी नागरिक सुविधाएं
भवन के ग्राउंड फ्लोर पर 290 वाहनों की पार्किंग की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही पार्षदों एवं आम जनता के लिए प्रवेश लॉबी, कैश काउंटर, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र काउंटर, किराया व लाइसेंस काउंटर जैसी सुविधाएं रहेंगी। नागरिकों की सुविधा के लिए यहां 300 सीटों का वेटिंग रूम तथा 162 सीटों की कैंटीन भी प्रस्तावित है।
पहली और दूसरी मंजिल पर प्रमुख विभागों के कार्यालय
पहली मंजिल पर अधिकारी प्रवेश लॉबी, स्वागत कक्ष, प्रतीक्षालय, मीडिया वेटिंग लाउंज, सीसीटीवी कंट्रोल रूम के साथ जलकल, राजस्व, कर एवं पशु चिकित्सा विभाग के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।
वहीं दूसरी मंजिल पर लेखा, लेखा परीक्षा, उद्यान, विधि, प्रवर्तन, नियोजन तथा पर्यावरण विभाग के कार्यालय बनाए जाएंगे।
तीसरी मंजिल पर सदन हॉल और तकनीकी विभाग
तीसरी मंजिल पर सिविल इंजीनियरिंग, प्रॉजेक्ट व तकनीकी सेल, विद्युत एवं यातायात विभाग, स्वास्थ्य तथा अधिष्ठान विभाग के कार्यालय होंगे। इसी मंजिल पर कार्यकारिणी कक्ष के साथ 202 सीटों वाला सदन हॉल भी बनाया जाएगा, जिससे नगर निगम की बैठकों और निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सके।
चौथी मंजिल पर नगर आयुक्त और मेयर का कार्यालय
भवन की चौथी मंजिल पर अतिरिक्त नगर आयुक्त, सहायक एवं संयुक्त नगर आयुक्त के कार्यालय, प्रेस गैलरी, आगंतुक गैलरी, सम्मेलन कक्ष के साथ नगर आयुक्त एवं मेयर के कार्यालय भी स्थापित किए जाएंगे।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि यह नया मुख्यालय न केवल प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाएगा, बल्कि शहरवासियों को भी एक ही स्थान पर सभी सेवाएं मिलने से बड़ी राहत मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद लखनऊ नगर निगम का प्रशासनिक ढांचा पहले से अधिक आधुनिक और व्यवस्थित नजर आएगा।