
देश की टॉप रैंकिंग वाली इंजीनियरिंग संस्थाओं में सबसे ऊपर IIT मद्रास का नाम आता है। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2025 के अनुसार यह देश का नंबर-1 इंजीनियरिंग कॉलेज है। चेन्नई में स्थित यह संस्थान अपनी गुणवत्ता शिक्षा, उन्नत शोध कार्य, बेहतरीन फैकल्टी और प्लेसमेंट के लिए जाना जाता है।
IIT मद्रास का पहला बैच सिर्फ 120 छात्रों के साथ शुरू हुआ था, लेकिन आज यह संस्थान विभिन्न इंजीनियरिंग प्रोग्राम में कुल 1121 सीटों के साथ छात्रों का स्वागत करता है। इनमें 1054 सीटें सामान्य आवेदकों के लिए और 67 अतिरिक्त सीटें केवल छात्राओं के लिए (Female Supernumerary) आरक्षित हैं।
प्रमुख इंजीनियरिंग प्रोग्राम और सीटें:
| इंजीनियरिंग प्रोग्राम | कुल सीटें (सभी के लिए) | छात्राओं के लिए अतिरिक्त सीटें |
|---|---|---|
| एयरोस्पेस इंजीनियरिंग | 54 | 1 |
| केमिकल इंजीनियरिंग | 188 | 3 |
| सिविल इंजीनियरिंग | 111 | 6 |
| कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग | 81 | 6 |
| इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग | 148 | 6 |
| इंजीनियरिंग फिजिक्स | 37 | 5 |
| बायोलॉजिकल इंजीनियरिंग | 30 | 0 |
| मैकेनिकल इंजीनियरिंग | 122 | 22 |
| मेटलर्जिकल और मटेरियल्स इंजीनियरिंग | 49 | 5 |
| आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स | 50 | 0 |
| कम्प्यूटेशनल इंजीनियरिंग और मेकॅनिक्स | 40 | 0 |
| इंस्ट्रुमेंटेशन और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग | 40 | 0 |
| नेवल आर्किटेक्चर और ओशन इंजीनियरिंग | 69 | 9 |
| बैचलर ऑफ साइंस इन फिजिक्स | 12 | 1 |
| बायोलॉजिकल साइंस (4 साल) | 30 | 0 |
| एयरोस्पेस इंजीनियरिंग (5 साल डुअल डिग्री) | 10 | 0 |
| इंजीनियरिंग डिजाइन (5 साल डुअल डिग्री) | 63 | 3 |
इनमें सबसे ज्यादा सीटें इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में हैं – 148 सामान्य और 6 अतिरिक्त सीटें।
एडमिशन प्रक्रिया:
IIT मद्रास में प्रवेश के लिए छात्रों को 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स पास होना आवश्यक है। इसके साथ ही उन्हें JEE मेन और JEE एडवांस्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने होंगे। इसके बाद JOASA काउंसलिंग के माध्यम से रैंक और पर्सेंटाइल के आधार पर सीट आवंटित की जाती है।
देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक IIT मद्रास में प्रवेश पाना किसी भी छात्र का सपना होता है, और इसके लिए कड़ी मेहनत और बेहतरीन प्रदर्शन की जरूरत होती है।