Sunday, May 31

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हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी, यूपी में विकास की नई उड़ान

 

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मेरठ: केंद्रीय बजट 2026-27 में उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर कई अहम घोषणाएँ की गई हैं। विशेष रूप से हाई-स्पीड रेल नेटवर्क और गंगा एक्सप्रेसवे के लिंक एक्सप्रेसवे की योजनाओं ने प्रदेशवासियों की उम्मीदों को नई रफ्तार दी है।

 

बजट में दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिसके तहत ट्रेनें 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। इस कॉरिडोर का मार्ग दिल्ली, नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही से होकर वाराणसी तक जाएगा। इससे मौजूदा 10–12 घंटे की रेल यात्रा 4–4.5 घंटे में पूरी होने की संभावना है।

 

मेरठ जिले के लिए यह खबर खास है। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लिंक एक्सप्रेसवे को नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा। यह 74.30 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना से शुरू होकर नोएडा एयरपोर्ट के यमुना सिटी सेक्टर 21 तक जाएगा। 20 किलोमीटर का हिस्सा यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में और 9 किलोमीटर एलिवेटेड रोड के रूप में बनेगा।

 

इस हाई-स्पीड रेल और एक्सप्रेसवे के जोड़ से कारोबार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय व्यापारी, श्रद्धालु और पर्यटक हरिद्वार, मथुरा, प्रयागराज, वाराणसी और हस्तिनापुर के धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंच पाएंगे।

 

गंगा एक्सप्रेसवे फेज-2 पर भी काम शुरू होने की संभावना है। इस चरण में मेरठ से हरिद्वार तक 110 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण होगा, जो भविष्य में चार धाम राजमार्ग से जुड़कर तीर्थयात्रियों के लिए मार्ग को आसान बनाएगा।

 

इसके अलावा, मेरठ एवं हस्तिनापुर को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे से प्रदेश के खेल और आभूषण उद्योग के निर्यात में भी वृद्धि की संभावना है।

 

यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ने के कारण यह मार्ग लखनऊ और दिल्ली तक का सफर भी आसान करेगा और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दबाव कम करेगा।

 

 

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