
वाराणसी।
दौलत, शौहरत और रॉयल विरासत के बावजूद सादगी को अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री और सांगली राजघराने की बेटी भाग्यश्री एक बार फिर लोगों के दिल जीतने में कामयाब रहीं। बनारस की गलियों में उनका सादा और संस्कारी अंदाज़ देखकर लोग देखते ही रह गए।
56 वर्ष की उम्र में भी अपनी खूबसूरती, गरिमा और सरल स्वभाव से सबको प्रभावित करने वाली भाग्यश्री हाल ही में वाराणसी यात्रा के दौरान आम नागरिक की तरह जीवन जीती नजर आईं। सूट पहनकर उन्होंने न सिर्फ रिक्शे की सवारी की, बल्कि सड़क किनारे स्ट्रीट फूड का आनंद भी लिया। इतना ही नहीं, वे अपने पति को अपने हाथों से खाना खिलाती भी दिखीं, जिसने उनकी विनम्रता और पारिवारिक संस्कारों को उजागर किया।
सादे परिधान में भी बिखरी शालीनता
तस्वीरों में भाग्यश्री आइवरी रंग के अनारकली सूट में नजर आईं। उनका यह परिधान दिखने में जितना सादा था, उतना ही सुरुचिपूर्ण भी। टिशू फैब्रिक से बने इस सूट पर पारंपरिक जरी और फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी की गई है, जो भारतीय शिल्पकला की खूबसूरती को दर्शाती है। राउंड नेकलाइन, सुनहरा बॉर्डर और सीक्वेंस वर्क ने उनके लुक को खास बना दिया।
हजारों का सूट, लेकिन सोच बेहद साधारण
जानकारी के मुताबिक, यह अनारकली सूट जयपुर के प्रसिद्ध लेबल से लिया गया है, जिसकी कीमत लगभग 9,995 रुपये है। हालांकि कीमत भले ही हजारों में हो, लेकिन भाग्यश्री की सादगी यह साबित करती है कि व्यक्तित्व की असली चमक दिखावे से नहीं, बल्कि व्यवहार से झलकती है।
दुपट्टे ने बढ़ाई संस्कारों की छवि
आइवरी रंग के दुपट्टे पर की गई किरण लेस की कढ़ाई ने उनके पूरे लुक को और भी पारंपरिक व शालीन बना दिया। साधारण प्लाजो और हल्के आभूषणों के साथ उनका यह देसी अवतार हर उम्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गया।
सादगी में ही असली शान
फिल्मी दुनिया में बड़े सितारों के साथ काम कर चुकीं भाग्यश्री यह साबित करती हैं कि असली रॉयल्टी धन या रुतबे से नहीं, बल्कि संस्कार, सादगी और विनम्रता से आती है। बनारस की गलियों में उनका यह रूप देखकर लोग यही कहते नजर आए—राजकुमारी होकर भी आम लोगों जैसी जिंदगी जीना, यही है सच्ची महानता।