झारखंड में पेसा नियमावली पर विवाद: IRS निशा उरांव बोलीं – कानून की आत्मा हुई खत्म
रांची: झारखंड में पेसा नियमावली लागू होने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पूर्व पंचायती राज निदेशक और आईआरएस अधिकारी निशा उरांव ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में जारी नियमावली उनके कार्यकाल में तैयार और विधि विभाग द्वारा अनुमोदित ड्राफ्ट से पूरी तरह अलग है।
'रूढ़िजन्य' शब्द हटाने पर आपत्ति
निशा उरांव के अनुसार, पेसा कानून 1996 और संविधान का मूल आधार आदिवासियों की परंपराओं और रूढ़ियों पर टिका है। उनके समय के ड्राफ्ट में हर जगह ‘रूढ़िजन्य’ शब्द शामिल था, लेकिन नई नियमावली में इसे हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की शक्तियों में भारी कटौती हुई है और ‘कस्टमरी लॉ’ (रूढ़िजन्य कानून) का उल्लेख न होने से आदिवासियों की पारंपरिक पहचान पर खतरा मंडरा रहा है।
प्रभावशाली शक्तियों पर साधा निशाना
निशा उरांव ने सवाल उठाया कि ये बदलाव...










