लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव संसद में तीन बार आ चुका है, जानिए क्या है पूरी संवैधानिक प्रक्रिया
नई दिल्ली। संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष की ओर से लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव लाने की चर्चा तेज हो गई है। लोकतंत्र में लोकसभा स्पीकर का पद निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादा का प्रतीक माना जाता है, लेकिन यदि स्पीकर की भूमिका पर सवाल उठते हैं तो संविधान में उन्हें पद से हटाने की एक निर्धारित प्रक्रिया भी मौजूद है।
लोकसभा के पूर्व महासचिव पी. डी. टी. आचारी के अनुसार, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं, बल्कि संविधान के तहत “रिजॉल्यूशन टू रिमूव स्पीकर” यानी स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव लाया जाता है।
संविधान में दर्ज है प्रक्रिया
लोकसभा स्पीकर को हटाने की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 94(e) और लोकसभा के नियमों में स्पष्ट रूप से दर्ज है। इसके तहत लोकसभा का कोई भी सदस्य स्पीकर को हटाने के लिए लिखित नोटिस लोकसभा सचिवालय को दे सकता है। आमतौर पर यह नोटिस दो सांसद मिलकर देते हैं।
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